Key Highlightsभारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने में है iPhone बनाने वाली कंपनी Apple की दिलचस्पी।Apple ने राजस्व विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डेइटी) से संबंधित इंसेंटिव की मांग की है। सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देने के लिए MSIPS के तहत लाभ देती है।Apple फिलहाल कोरिया, जापान तथा अमेरिका सहित छह देशों में अपने प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग करती है।नई दिल्ली। अमेरिका की iPhone बनाने वाली कंपनी Apple ने भारत सरकार से देश में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए इंसेंटिव देने की मांग की है। एक अधिकारी ने कहा कि सरकार को भेजे पत्र में Apple ने राजस्व विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डेइटी) से संबंधित प्रोत्साहनों की मांग की है।यह भी पढ़ें : #NewLappy : Apple ने लॉन्च किए दमदार, पतलेे, टच बार और फिंगरप्रिंट सेंसर से लैस नए पावरफुल मैकबुकतस्वीरों में देखिए Samsung के डुअल स्क्रीन वाले हैंडसेट की खासियतsamsung dual screen phoneIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV Paisaइलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए सरकार देती है प्रोत्साहनअधिकारी ने कहा कि Apple पिछले कुछ समय से इसकी जांच पड़ताल कर रही है।औद्योगिक नीति एवं संवर्द्घन विभाग (DIPP) इस बारे में दोनों विभागों को पत्र लिखकर Apple के विचारों से अवगत कराएगा।फिलहाल सरकार देश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देने के लिए संशोधित विशेष प्रोत्साहन पैकेज योजना (MSIPS) के तहत लाभ देती है।इस योजना के तहत इलेक्ट्रानिक हार्डवेयर क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है।इसके अलावा सरकार विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में निवेश पर सब्सिडी तथा कुछ अन्य लाभ देती है।Apple फिलहाल कोरिया, जापान तथा अमेरिका सहित छह देशों में अपने प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग करती है।यह भी पढ़ें : Samsung ने पेश किया Dual स्क्रीन वाला फ्लिप स्मार्टफोन, कीमत लगभग 2 लाख रुपएमहत्वपूर्ण है Apple का यह पत्रमैन्युफैक्चरिंग इकाई लगाने के लिए Apple का यह पत्र इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि वित्त मंत्रालय ने मई में iPhone तथा iPad कंपनी को अनिवार्य रूप से 30 प्रतिशत घरेलू खरीद के नियम से छूट देने से इनकार कर दिया था।Apple ने भारत में सिंगल ब्रांड खुदरा स्टोर खोलने के लिए यह पूर्व शर्त रखी थी।कंपनी ने इस आधार पर यह छूट मांगी थी कि वह अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के उत्पादों का विनिर्माण करती है जिसके लिए स्थानीय स्तर पर खरीद संभव नहीं है।कंपनी Apple के स्वामित्व वाले खुदरा स्टोरों के जरिए चीन, जर्मनी, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस सहित कई देशों में अपने प्रोडक्ट्स बेचती है।