KEY HIGHLIGHTSएसबीआई में 5 सहयोगी बैंकों के विलय को मिली कैबिनेट की मंजूरीस्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और स्टेट बैंक ऑफ पटियाला का होगा विलयएसबीआई में भारतीय महिला बैंक के विलय को भी हरी झंडीकैबिनेट की मंजूरी के बाद शेयर में 20 फीसदी तक की उछालविलय के बाद एसबीआई के पास होंगे 50 करोड़ से अधिक ग्राहकनई दिल्ली। बुधवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एसबीआई में उसके 5 सहयोगी बैंकों के विलय को मंजूरी मिल गई। कैबिनेट की मंजूरी के बाद सहयोगी बैंकोंं के शेयर में 20 फीसदी तक का उछाल देखने को मिला। एसबीआई में स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के विलय का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा कैबिनेट ने एसबीआई में भारतीय महिला बैंक के विलय को भी हरी झंडी दे दी है। विलय के बाद इन बैंकों में खुले आपके एकाउंट एसबीआई में ट्रांसफर हो जाएंगे।तस्वीरों से जानिए कैसे करें ऑनलाइन फंड ट्रांस्फरonline fund transfer online fund transfer online fund transfer online fund transfer online fund transfer online fund transfer एक सूत्र ने बताया, विलय के प्रस्ताव की दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। 15-20 सदस्यों की टीम बनाई गई है, जिसने विलय की रूपरेखा पर काम शुरू किया है। इस टीम के प्रमुख एक महाप्रबंधक हैं। टीम में कई उप महाप्रबंधक शामिल हैं। इस टीम का गठन सहायक एवं अनुषंगी विभाग के निरीक्षण में किया गया है, जिसके प्रमुख प्रबंध निदेश वी जी कन्नन हैं। सूत्र ने कहा कि यदि सबकुछ ठीक रहा तो तीन-चार माह में यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। एसबीआई के निदेशक मंडल ने पिछले महीने सरकार को अपने पांच अनुषंगी बैंकोंं और भारतीय महिला बैंक के खुद में विलय का प्रस्ताव सौंपा था।विलय के बाद एसबीआई बैंकिंग के क्षेत्र में दिग्गज संस्थान होगा, जो दुनिया में प्रतिस्पर्धा कर सकेगा। उसका संपत्ति आधार 37,000 अरब रुपए (37 लाख करोड़ रुपए) या 555 अरब डॉलर से अधिक होगा। साथ ही शाखाओं एवं एटीएम की संख्या क्रमश: 22,500 तथा 58,000 होगी और ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ होगी। फिलहाल एसबीआई की शाखाओं की संख्या 16,500 है। इसमें 36 देशों में फैले 191 विदेशी कार्यालय शामिल हैं। एसबीआई ने सबसे पहले स्टेट बैंक आफ सौराष्ट्र का स्वयं में 2008 में विलय किया। उसके दो साल बाद स्टेट बैंक ऑफ इंदौर का विलय किया था।पांच में से तीन सहयोगी बैंक-स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर शेयर बाजार में लिस्टेड हैं।