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LIC आईपीओ: एक्चुरियल कंपनियों के लिए आवेदन जमा करने की समय सीमा बढ़ी

बिड जमा करने की समयसीमा 8 दिसंबर 2020 से बढ़ाकर 11 दिसंबर के शाम साढ़े पांच बजे कर दी गई है। वहीं बिड 14 दिसंबर को सुबह 9 बजे खोली जाएगी। पहले इसके लिए 9 दिसंबर की तारीख तय की गई थी।

<p>एक्चुरियल फर्म...- India TV Paisa Image Source : PTI एक्चुरियल फर्म नियुक्ति के लिए बिड की समयसीमा बढ़ी

नई दिल्ली। भारतीय जीवन बीमा निगम के आईपीओ के लिए एक्चुरियल कंपनी नियुक्ति को लेकर इच्छुक कंपनियों के द्वारा आवेदन जमा करने की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के द्वारा आज जारी आदेश के मुताबिक बिड जमा करने की समयसीमा 8 दिसंबर 2020 से बढ़ाकर 11 दिसंबर के शाम साढ़े पांच बजे तक कर दी गई है। वहीं बिड 14 दिसंबर को सुबह 9 बजे खोली जाएगी। पहले इसके लिए 9 दिसंबर की तारीख तय की गई थी।

दीपम ने एलआईसी के मूल्यांकन के लिए एक्चुरियल कंपनियों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव दिया था। नियुक्त होने वाली कंपनी एलआईसी का मूल्यांकन करेगी जो कि आईपीओ लाने के लिए अहम शर्त है। इस मूल्य में कंपनी की मौजूदा संपत्ति और वर्तमान में चल रही बीमा पॉलिसियों से होने वाले लाभ के वर्तमान मूल्य को जोड़ा जाता है।

आज जारी हुई जानकारी के भारतीय जीवन बीमा निगम के खाते में पड़े शेयरों का मूल्य सितंबर तिमाही में 77 अरब डॉलर (5.7 लाख करोड़ रुपये) को पार कर गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में इसमें 40 प्रतिशत से अधिक की तेजी आयी। हालांकि यह मार्च 2018 को समाप्त तिमाही के 84 अरब डॉलर के रिकार्ड से कम है। लेकिन दूसरी तिमाही से बाजार में करीब 13 प्रतिशत की तेजी आयी है। इससे एलआईसी के पास मौजूद शेयरों का मूल्य उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकता है। ब्रोकरेज कंपनी कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2000 को समाप्त तिमाही में एलआईसी के पास उपलब्ध शेयरों का मूल्य केवल 4 अरब डॉलर था। उस समय शेयर बाजार बीएसई का बाजार पूंजीकरण केवल 102 अरब डॉलर था। वर्ष 2010 में एलआईसी के पास उपलब्ध इक्विटी का मूल्य बढ़कर 59 अरब डॉलर हो गया जबकि बाजार पूंजीकरण 1,140 अरब डॉलर था। उसके बाद से एलआईसी के पोर्टफोलियो मूल्य में लगातार वृद्धि हो रही है और यह मार्च 2018 में रिकॉर्ड 84 अरब डॉलर पहुंच गया था। उस दौरान शेयर बाजार पूंजीकरण 1,670 अरब डॉलर था।

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