नई दिल्ली। सरकार 150 देशों के साथ ई-वीजा सुविधा शुरू करने के बाद अब देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस सिस्टम में और सुधार करने जा रही है। पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी ने कहा, 150 देशों के साथ ई-वीजा की व्यवस्था है। हम ई-वीजा प्रणाली में और सुधार कर रहे हैं। हम इसका विस्तार कर स्वास्थ्य पर्यटन और कारोबार पर्यटन को इसके दायरे लाना चाहते हैं और यह सिर्फ कुछ समय की बात है। नवंबर 2014 में पेश यह योजना सिर्फ 113 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध थी। इस साल इन देशों में 37 और देशों को जोड़ा गया जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 150 हो गई।
पर्यटन मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से कहा कि तुर्की, इटली, सउदी अरब और मोरक्को समेत और देशों के नागरिकों को यह सुविधा प्रदान करने के लिए कहा है। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय द्वारा उठाए गए पहलों की जानकारी देते हुए जुत्शी ने कहा कि सरकार ने पर्यटक गंतव्यों के संपर्क पहलुओं पर काम करने के लिए पर्यटन सचिव की अध्यक्षता में एक कार्यबल का गठन करने का भी फैसला किया है। इस कार्यबल में राष्ट्रीय राजमार्ग, नागर विमानन और रेल विभाग के भी प्रतिनिधि होंगे।
पर्यटन मंत्रालय 31 सितंबर से तीन दिन का विशाल समारोह – अतुल्य भारत पर्यटन निवेशक सम्मेलन भी आयोजित करेगा। जुत्शी ने कहा, हमने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वह इस समारोह के मुख्य अतिथि हैं। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन और चीन समेत विभिन्न देशों के अधिकारी संभावित निवेशकों से मिलने के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा, हम निवेश आकर्षित करने के लिए सामने से मोर्चा संभालेंगे।
जुत्शी ने बताया कि औद्योगिक नीति एवं संवद्र्धन विभाग (डीआईपीपी) और इन्वेस्ट इंडिया के सहयोग से मंत्रालय निवेशकों को सुविधा प्रदान के लिए निवेश डेस्क की स्थापना करेगी। सचिव ने कहा कि यह नयी इकाई है जिसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए भारत में निवेश करने का यह सही समय है क्योंकि सरकार कारोबार सुगमता बढ़ा रही है, सक्रिय नौकरशाही है और विभिन्न राज्यों में एकल खिड़की सुविधा पेश की गई है। उन्होंने कहा कि राज्यों को इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इकट्ठे होना होगा क्योंकि वे मुख्य बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
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