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Hindi News पैसा बिज़नेस मोदी सरकार ने स्‍टार्टअप्‍स को दी...

मोदी सरकार ने स्‍टार्टअप्‍स को दी बड़ी राहत, 25 करोड़ रुपए तक के निवेश पर नहीं देना होगा इनकम टैक्‍स

अधिकारी ने बताया कि इनकम टैक्स कानून 1961 की धारा 56(2)( viib) के तहत निवेश पर छूट पाने के लिए स्टार्टअप्स की प्रक्रिया को आसान बनाने के संबंध में अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी।

India TV Paisa Desk
India TV Paisa Desk 19 Feb 2019, 14:03:53 IST

नई दिल्‍ली। स्‍टार्टअप्‍स को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने एंजल कर के नियमों में ढील देने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने स्टार्टअप को आयकर छूट के लिए निवेश सीमा को बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए कर दिया है। अब 25 करोड़ रुपए तक के निवेश पर स्टार्टअप कंपनियों को आय कर से छूट मिलेगी। मौजूदा समय में स्टार्टअप को 10 करोड़ रुपए तक के निवेश पर कर से छूट की इजाजत है। इस निवेश में एंजल निवेशकों द्वारा लगाया गया पैसा भी शामिल है।

अधिकारी ने कहा कि आयकर अधिनियम की धारा 56(2) (सात-बी) के तहत स्टार्टअप कंपनियों के लिए निवेश पर छूट पाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए जल्द अधिसचूना जारी की जाएगी।  स्टार्टअप की परिभाषा में भी बदलाव किया गया है। अब उन इकाइयों को स्टार्टअप माना जाएगा जो अपने पंजीकरण या स्थापना के बाद 10 साल तक परिचालन कर रही हैं। पहले यह समयसीमा सात साल थी।  अधिकारी ने कहा कि किसी भी इकाई को स्टार्टअप तभी माना जाएगा यदि उसका कारोबार पंजीकरण से लेकर अब तक किसी भी वित्त वर्ष में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं हो। मौजूदा समय में यह 25 करोड़ रुपए था। 

इसके अलावा, 100 करोड़ रुपए नेटवर्थ या 250 करोड़ रुपए का कारोबार करने वाली सूचीबद्ध कंपनियों के पात्र स्टार्टअप में निवेश को आयकर अधिनियम की धारा 56(2) (सात-बी) से छूट दी जाएगी। 
प्रवासियों, वैकल्पिक निवेश कोष-श्रेणी-1 द्वारा पात्र स्टार्टअप में 25 करोड़ रुपए की सीमा के ऊपर के निवेश को भी इस धारा तहत छूट मिलेगी। अधिकारी ने कहा कि आयकर अधिनियम की धारा की 56(2) (सात-बी) के तहत वे स्टार्टअप छूट पाने के लिए पात्र होंगे जिन्होंने, अचल संपत्ति में निवेश नहीं किया हो। इसके अलावा 10 लाख रुपए से अधिक के वाहन और अन्य इकाइयों को कर्ज और पूंजी समर्थन नहीं दिया हो। 

यदि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को मान्यता दी जाती है तो वह स्टार्टअप भी धारा की 56(2) (सात-बी) के तहत छूट के लिए पात्र होगा।  वह स्टार्टअप किसी विशेष संपत्ति में निवेश नहीं कर रहा हो। पात्र स्टार्टअप को कर छूट का लाभ लेने के लिए डीपीआईआईटी के समक्ष सिर्फ हस्ताक्षरित स्व-घोषणा करनी होगी। डीपीआईआईटी इन घोषणाओं को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पास भेजेगा। 

अधिकारी ने कहा कि आयकर अधिनियम की धारा 56 (2) (सात-बी) के तहत पात्र स्टार्टअप में निवेश पर छूट के लिए शेयरों का मूल्यांकन कोई मापदंड नहीं रह जाएगा। यह कदम ऐसे समय उठाए गए हैं जब कई स्टार्टअप कंपनियों ने दावा किया है कि उन्हें एंजेल निवेश पर आयकर विभाग से नोटिस मिले हैं।

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