निकेश अरोड़ा की कड़ी मेहनत का परिणाम था सॉफ्टबैंक का अध्यक्ष बनना, जानिए पूरी कहानी
निकेश अरोड़ा की कड़ी मेहनत का परिणाम था सॉफ्टबैंक का अध्यक्ष बनना, जानिए पूरी कहानी
Abhishek Shrivastava
Published : Jun 23, 2016 07:26 am IST, Updated : Jun 23, 2016 10:11 am IST
निकेश की कड़ी मेहनत का ही परिणाम था कि 20 साल के करयिर में वह एक बड़ी कंपनी के अध्यक्ष बनने के साथ ही सबसे ज्यादा सैलरी पाने वालों की लिस्ट में आ गए।
Hard Work Pays Off: निकेश अरोड़ा की कड़ी मेहनत का परिणाम था सॉफ्टबैंक का अध्यक्ष बनना, जानिए पूरी कहानी
Story Highlights
गाजियाबाद में जन्मे निकेश अरोड़ा का बनारस से बोस्टन और फिर दुनिया के टॉप एक्जिक्यूटिव बनने का सफर काफी रोचक है।
गूगल में 10 साल काम करने के बाद निकेश अरोड़ा ने 2014 में सॉफ्टबैंक को बतौर अध्यक्ष और सीओओ ज्वाइन किया था।
अरोड़ा दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले व्यक्ति हैं। इनका सैलरी पैकेज 13.5 करोड़ है।
सॉफ्टबैंक के फाउंडर और सीईओ मासायोशी सन ने दो साल पहले अरोड़ा को अपना उत्तराधिकारी बताया था।
निवेशकों द्वारा अरोड़ा पर वित्तीय गड़बडि़यों के आरोप लगाए गए थे, हालांकि स्पेशल बोर्ड कमेटी अरोड़ा को क्लीनचिट दे दी थी।
क्लीनचिट मिलने के दो दिनों के भीतर अरोड़ा ने सॉफ्टबैंक से इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफे के पीछे अरोड़ा की सीईओ बनने की महत्वाकांक्षा को कारण माना जा रहा है।