key Highlightsकच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 52.50 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर हैं, जो 8 महीने का उच्चतम स्तर है।15 जून को होने वाली तेल कंपनियों की प्राइस रिव्यू मीटिंग में पेट्रोल और डीजल के दाम 1.50 से 2 रुपए और बढ़ सकते हैं।कंपनियों के पास 2 ही विकल्प, पहला या तो सरकार एक्साइड ड्यूटी को घटाए या फिर पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी की जाए।नोमुरा और मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि क्रूड के दाम 60 डॉलर प्रति बैरल तक जाने की संभावना है।नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी हो सकती है। क्रूड यानी कि कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 52.50 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर हैं। यह क्रूड की कीमत का 8 महीने का उच्चतम स्तर है। अभी इसमें और तेजी की उम्मीद की जा रही है। बीते 8 दिनों में इंडियन बास्केट की कीमत में क्रूड की कीमत 2 डॉलर बढ़ चुकी है। मौजूदा समय में भारत के लिए क्रूड की कीमत 3287 रुपए प्रति बैरल हो गई है। ऐसे में 15 जून को होने वाली तेल कंपनियों की प्राइस रिव्यू मीटिंग में पेट्रोल और डीजल के दाम 1.50 से 2 रुपए और बढ़ सकते हैं।तस्वीरों में जानिए क्रूड से जुड़े फैक्ट्सFacts of Crude oil Facts of Crude oil Facts of Crude oil Facts of Crude oil Facts of Crude oil Facts of Crude oil Facts of Crude oil IndiaTV PaisaFacts of Crude oil Facts of Crude oil Facts of Crude oil सरकार के पास सीमित विकल्पतेल कंपनी के एक उच्चधिकारी का कहना है किजिस हिसाब से क्रूड की कीमत बढ़ रही है, उसके चलते 2 ही विकल्प हैं। पहला या तो सरकार एक्साइड ड्यूटी को घटाए या फिर दूसरा पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी की जाए। पेट्रोल पर फिलहाल एक्साइज ड्यूटी 21.48 रुपए और डीजल पर 17.33 रुपए प्रति लीटर है।माना जा रहा है कि सरकारी कंपनियां इन दोनों पेट्रोलियम उत्पादों की रिटेल बिक्री में किसी भी तरह का कोई नुकासन नहीं उठाएगी। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले एक महीने के दौरान पेट्रोल 3.41 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है और डीजल की कीमतों में बीते एक महीने के दौरान 3 बार बढ़ोतरी की जा चुकी है और यह 2.99 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है।क्रूड की कीमत हो जाएगी 60 डॉलर प्रति बैरलअंतरराष्ट्रीय फर्म नोमुरा और मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि क्रूड के दाम 60 डॉलर प्रति बैरल तक जाने की संभावना है। पेट्रोलियम मंत्रालय के उच्चधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का प्रस्ताव नहीं है। लेकिन जरूरत पड़ने पर वित्त मंत्रालय और पीएमओ के साथ मिलकर फैसला ले सकते हैं।यह भी पढ़ें- 60 डॉलर प्रति बैरल तक के कच्चे तेल से राजकोषीय गणित पर असर नहीं होगा: सिन्हायह भी पढ़ें- Report: ऑस्ट्रेलिया में पेट्रोल की कीमत 17 साल में सबसे कम, भारत में कब होगा ऐसा?