Key Highlightsमहाराष्ट्र पुलिस इस सेवा का इस्तेमाल FIR की कॉपी जल्द से जल्द शिकायतकर्ता तक पहुंचाने के लिए करेगी। बंगलुरु की ट्रैफिक पुलिस अपने फेसबुक पेज के माध्यम से जनता के साथ बखूबी जुड़ी है।विशाखापट्टनम में लोग नगर निगम तक अपनी शिकायतें पहुंचाने के लिए WhatsApp का सहारा ले रहे हैं।ट्विटर के माध्यस से रेलवे और विदेश मंत्रालय की सहायता जरूरतमंद तक पहुंचने की खबरें आयदिन पढ़ने को मिलती हैं।नई दिल्ली। WhatsApp को अगर आप महज दोस्तों के साथ चैटिंग करने का साधन मानते हैं तो यह खबर पढ़कर निश्चित तौर पर आपके नजरिए में बदलाव आएगा। महाराष्ट्र पुलिस इस सेवा का इस्तेमाल FIR की कॉपी जल्द से जल्द शिकायतकर्ता तक पहुंचाने के लिए करेगी। FIR की कॉपी शिकायतकर्ता तक पहुंचने में हो रही देरी को देखते हुए महाराष्ट्र के DGP प्रवीन दीक्षित ने इसे WhatsApp की मदद से इसे जल्द से जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। पहले शिकायतकर्ता की ओर से FIR देने के बाद उसे हस्ताक्षर कर प्रोसेस करने में 2 दिन का समय लगता था। लेकिन इस नए ऑर्डर के बाद इस काम को पूरा होने में चंद घंटे लगेंगे। इसके अलावा डिपार्टमेंट ने WhatsApp की इमेज के आधार पर शिकायत लिखने संबंधी नियमों में ढील दी है। इस तरह निश्चित तौर पर जनता की तमाम शिकायतों को पुलिस तक पहुंचाने में इससे मदद मिलेगी।तस्वीरों में देखिए कैसे करें WhatsApp में डेटा बैकअपWHATSAPP DATA BACKUPIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV Paisaमहाराष्ट्र के अलावा तमाम अन्य जगहों पर भी सरकारी डिपार्टमेंट सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। बंगलुरु की ट्रैफिक पुलिस अपने फेसबुक पेज के माध्यम से जनता के साथ बखूबी जुड़ी है। इस पेज के माध्यम से डिपार्टमेंट जनता को तमाम जानकारियां मुहैया कराता है और ट्रैफिक से जुड़े अपडेट भेजता है। इस पेज पर कुल 403,680 लाइक्स हैं। इस पेज पर ट्रैफिक के नियमों से जुड़ी जानकारियां, डिपार्टमेंट की ओर से समय-समय पर होने वाल इवेंट के अपडेट आदि भी उपलब्ध रहते हैं।इसी तरह विशाखापट्टनम में लोग नगर निगम तक अपनी शिकायतें पहुंचाने के लिए WhatsApp का सहारा ले रहे हैं। ग्रेटर विशाखापट्टनम म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन तक विशाखापट्टनम के लोग WhatsApp के माध्यम से अपनी कोई भी समस्या रजिस्टर कर सकते हैं। सोशल मीडिया का इस्तेमाल पहली बार दिल्ली सरकार की ओर से किया गया था। दिल्ली सरकार के फूड डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल राशन कार्ड धारकों को सरकारी अनाज की सप्लाई के लिए किया था।यह भी पढ़ें:Gmail, WhatsApp और Truecaller को बनाइए और भी ज्यादा स्मार्ट, कीजिए सेटिंग्स में छोटे से बदलाव ट्विटर के माध्यस से रेलवे और विदेश मंत्रालय की सहायता जरूरतमंद तक पहुंचने की खबरें बीते एक साल में कई बार आ चुकी है। जहां किसी जरूरतमंद के ट्वीट कर देने पर संबंधित मंत्रालय के मंत्री ने जल्द से जल्द सहायता सुनिश्चित कराई। इससे यह तय होता है कि आम जनता का संवाद सीधे सरकार से स्थापित करने में सोशल मीडिया की भूमिका अहम हो चुकी है। सरकारी डिपार्टमेंट और सरकार के साथ-साथ आजकल तमाम कंपनियां भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अपने ग्राहकों की शिकायतों का निवारण कर रही हैं। इस तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मान्यता दोस्तों से चैटिंग, फोटो और वीडियों शेयरिंग से ज्यादा हो चली है।