लंदन। ब्रिटेन संसद द्वारा पिछले साल घोषित किए गए कठोर और ज्यादा महंगे वीजा नियम गुरुवार से प्रभावी होने जा रहे हैं। इन नए नियमों से भारतीय और यूरोपियन यूनियन के बाहर के देशों के नागरिकों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
टियर2 श्रेणी के वीजा, जिनका सबसे ज्यादा उपयोग भारतीयों और अन्य यूरोपियन यूनियन से बाहर के देशों के नागरिकों द्वारा किया जाता है, के नियमों में सबसे ज्यादा बदलाव होगा। ब्रिटेन में कंपनियां को यूरोपियन यूनियन से बाहर के, जैसे भारतीय, कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के लिए अतिरिक्त 1,000 पाउंड वार्षिक इमीग्रेशन स्किल चार्ज देना होगा।
नए नियमों के मुताबिक टियर2 वीजा के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अब उन सभी देशों से क्रिमिनल रिकॉर्ड चेक सर्टिफिकेट देना होगा, जहां वह पिछले 10 सालों में 12 माह से अधिक रहे हों। इसके अलावा टियर2 इंट्रा-कंपनी ट्रांसफर (आईसीटी) वीजा के लिए प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 200 पाउंड का सरचार्ज देना होगा।
टियर2 (जनरल) वर्कर के लिए यूके बेस्ड स्पॉन्सर मिनिमम सैलरी को भी बढ़ाकर 25,000 पाउंड से 30,000 पाउंड कर दिया गया है। टियर2(आईसीटी) शॉर्ट टर्म स्टाफ कैटेगरी को बंद कर दिया गया है।
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