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US Rate Hike: अमेरिका में ब्याज दरें 0.25 फीसदी बढ़ी, दुनियाभर के बाजारों के साथ-साथ भारत पर होगा ये असर

अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व (फेड) ने इस साल दूसरी बार फिर से ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है।फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी की है।

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नई दिल्ली। अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व (फेड) ने इस साल दूसरी बार फिर से ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है। बुधवार को फेडरल रिजर्व ने  ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है। अब अमेरिका में ब्याज दरें बढ़कर 1 से 1.25 फीसदी हो गई है। इस खबर के बाद दुनियाभर के शेयर बाजार और करेंसी बाजार में गिरावट का माहौल देखने को मिल रहा है, क्योंकि दरें बढ़ने के बाद ट्रेडर्स की ओर से रक्षात्मक कदम उठाए जा रहे है।  एक्सपर्ट्स का मानना है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद पहले से लगाई जा रही थी, लेकिन अमेरिका में अर्थव्यवस्था को लेकर आ रहे आंकड़े अभी भी कमजोर है। लिहाजा बाजार पर इसका असर देखने को मिलेगा।

सन 2008 के उच्चतम स्तर पर पहुंची ब्याज दरें

अमेरिकी फेडरल बैंक ने बुधवार को ब्‍याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़कर 1 फीसदी से 1.25 फीसदी पर पहुंच गई है। आपको बता दें कि सन 2008 के बाद अमेरिका में ब्याज दरें अपने उच्चतम स्तर पर है। फेडरल रिजर्व की ओपन कमेटी में ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में 8 वोट पड़े। जबकि, विपक्ष में एक वोट पड़ा। यह भी पढ़े: इन कंपनियां का मुनाफा दोगुना होने से शेयर के भाव 300% बढ़े, आपके पास अब भी है मौका

फेड की चेयरपर्सन जेनेट येलेन ने कहा

इकोनॉमी में मजबूती और जॉब मार्केट में सुधार देखने को मिला है। जिसके चलते इस साल से बॉन्ड बेचने की शुरुआत भी होगी। यूएस फेड की नई दरें 1 फीसदी से 1.25 फीसदी के बीच रखी गई हैं। इकोनॉमी में मजबूती, जॉब मार्केट में सुधार के चलते ये फैसला लिया गया है। इस साल से यूएस फेड बॉन्ड बेचने की शुरुआत करेगा, हर महीने 10 अरब डॉलर के बॉन्ड बेचने की योजना है।

जल्द बॉन्ड्स को बेचने का काम शुरू होगा

यूएस फेड ने दरें 0.25 फीसदी बढ़ा दी हैं। फेड चेयरपर्सन जेनेट येलेन ने कहा कि इकोनॉमी में मजबूती और जॉब मार्केट में सुधार देखने को मिला है। जिसके चलते इस साल से बॉन्ड बेचने की शुरुआत भी होगी। यूएस फेड की नई दरें 1 फीसदी से 1.25 फीसदी के बीच रखी गई हैं। इकोनॉमी में मजबूती, जॉब मार्केट में सुधार के चलते ये फैसला लिया गया है। इस साल से यूएस फेड बॉन्ड बेचने की शुरुआत करेगा, हर महीने 10 अरब डॉलर के बॉन्ड बेचने की योजना है। इस मौके पर जेनेट एलन ने कहा कि बैलेंस शीट को हल्का करने की योजना है। फेड रिजर्व की बैलेंस शीट ठीक करने में कुछ साल लगेंगे। बैलेंसशीट में हल्का करने का काम इस साल से शुरू होगा और फेडरल रिजर्व इसी साल से बॉन्ड बेचने की शुरुआत करेगा। यह भी पढ़े: निफ्टी 5 साल में छुएगा 30 हजार का स्तर, अब इन शेयरों में हैं कमाई का बड़ा मौका

क्यों बढ़ाई ब्याज दरें

अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिका में जॉब मार्केट अच्छा परफॉर्म कर रही है। और इस साल के अंत तक घरेलू इकोनॉमी के और बेहतर होने की उम्मीद है।  इसीलिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है।2008 की आर्थिक मंदी के बाद लगातार हमारी इकोनॉमी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। अमेरिका में बेरोजगारी दर 16 साल के निचले स्तर पर आ गई है।यह भी पढ़े:इन कंपनियों के मालिकों ने 1.8 लाख करोड़ रुपए के शेयर रखें गिरवी, निवेशक रहें सावधान

महंगाई दर अभी भी अनुमान से कम

अमेरिका में बेरोजगारी दर भले ही 16 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई हो, लेकिन महंगाई दर अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के अनुमान से काफी पीछे है। साथ ही, रिटेल सेल्स में 16 महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह भी पढ़े: एक महीने में 70 फीसदी तक गिरे इन शेयरों के भाव, अब क्या करें निवेशक

इस साल दूसरी बार बढ़ी दरें

अमेरिका के सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने करीब 10 साल बाद दिसंबर 2015 में बॉन्ड खरीदारी प्रोग्राम को बंद कर ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला लिया था। आपको बता दें कि साल 2008 के बाद अमेरिका में अब तक चार बार ब्याज दरें बढ़ी है। पिछले छह महीने में फेडरल रिजर्व ने तीन बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है।यह भी पढ़े: #monsoon2017: मानसून के इस सीजन में आपके पास है इन शेयरों में पैसा बनाने का मौका, ऐसे उठाएं फायदा

घरेलू शेयर बाजार पर क्या होगा असर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वी के शर्मा का कहना है कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में  0.25 फीसदी तक बढ़ोतरी की उम्मीद पहले से थी। लेकिन फेड ने आनेवाले समय में और दरें बढ़ाने की बात कहीं है। इसीलिए, दुनियाभर के शेयर बाजारों पर निगेटिव असर है। वीके शर्मा के मुताबिक मौजूदा समय में बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। निफ्टी में 9585 के स्तर पर अहम सपोर्ट है अगर किसी कारण यह सपोर्ट तुड़ता है तो बाजार में गिरावट की संभावनाएं बढ़ सकती है अन्यथा तेजी का माहौल बना रहेगा।

इस साल दरें 3 फीसदी तक पहुंच सकती है!

फेडरल रिजर्व के पूर्व गवर्नर रोबर्ट हेलेर ने एक चैनल को दिए इंटरव्यु में कहा है कि इस साल अमेरिका में एक बार और ब्याज दरें बढ़ सकती है। हेलर का मानना है कि अमेरिका में लॉन्ग टर्म ब्याज दरें बढ़कर 3 फीसदी होने की उम्मीद है। आपको बता दें कि इस साल की शुरुआत में नीति बनाने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमिटी ने साल 2017 में दरों में इसके बाद दो बार और बढ़ोतरी के संकेत भी दिए थे।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के पोल में सामने आया है कि इस साल सितंबर में फिर से अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ सकती है। साथ ही, अगले साल 2018 में ब्याज दरें तीन बार बढ़ने का अनुमान है।

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