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1.53 लाख करोड़ रुपये में खरीदी 1,78,771 प्रॉपर्टी, घर-मकान में अंधाधुंध निवेश कर रहे भारतीय

पिछले साल 1,52,552 करोड़ रुपये की 1,78,771 यूनिट्स की बिक्री हुई है। जबकि, साल 2023 में यहां 1,27,505 करोड़ रुपये में 1,71,903 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। साल 2023 के मुकाबले 2024 में 4 प्रतिशत ज्यादा घर बिके हैं। इसी तरह, 2023 के मुकाबले 2024 में कुल सेल्स प्राइस 20 प्रतिशत बढ़ा है।

1,78,771 properties bought for Rs 1.53 lakh crore, Indians are investing indiscriminately in houses- India TV Hindi
Image Source : PIXABAY बजट 2025-26 में हुई घोषणाओं से बढ़ेगी घरों की मांग

Property Sales: प्रॉपर्टी में होने वाला निवेश लगातार तेजी से बढ़ रहा है। देश के अलग-अलग शहरों में रहने वाले लोग प्रॉपर्टी में अंधाधुंध निवेश कर रहे हैं। साल 2024 में एक बार फिर प्रॉपर्टी की बिक्री के आंकड़ों में तेजी देखने को मिली है। देश के 15 बड़े शहरों में पिछले साल कुल 1,52,552 करोड़ रुपये के 1,78,771 यूनिट्स की बिक्री हुई है। इन 15 शहरों में अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, गांधीनगर, नासिक, जयपुर, नागपुर, भुवनेश्वर, मोहाली, विशाखापत्तनम, लखनऊ, कोयम्बटूर, गोवा, भोपाल और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं।

2023 में 1,27,505 करोड़ रुपये में बिके थे 1,71,903 यूनिट्स

इन 15 शहरों में पिछले साल 1,52,552 करोड़ रुपये की 1,78,771 यूनिट्स की बिक्री हुई है। जबकि, साल 2023 में यहां 1,27,505 करोड़ रुपये में 1,71,903 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। साल 2023 के मुकाबले 2024 में 4 प्रतिशत ज्यादा घर बिके हैं। इसी तरह, 2023 के मुकाबले 2024 में कुल सेल्स प्राइस 20 प्रतिशत बढ़ा है। बताते चलें कि रियल एस्टेट ‘डेटा एनालिटिक्स’ कंपनी प्रॉपइक्विटी ने बुधवार को 15 प्रमुख बड़े शहरों में घरों की बिक्री से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं।

बजट 2025-26 में हुई घोषणाओं से बढ़ेगी घरों की मांग

प्रॉपइक्विटी के फाउंडर और सीईओ समीर जसूजा ने कहा, ‘‘ सेल्स प्राइस में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि 2024 में बिक्री की मात्रा में सिर्फ 4 प्रतिशत की ही बढ़ोतरी दर्ज की गई है।'' समीर ने कहा कि कच्चे माल की लागत में उछाल, सट्टा निवेश जैसे कारकों की वजह से इन शहरों में मकानों की कीमत में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को दर्शाता है, जो अचल संपत्ति बाजार को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए गए बजट में हुई घोषणाओं से इन शहरों में घरों की मांग को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए मौके भी उत्पन्न होंगे।

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