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Hindi News पैसा बिज़नेस अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस 400 करोड़ रुपये में करेगी एयर वर्क्स का अधिग्रहण

अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस 400 करोड़ रुपये में करेगी एयर वर्क्स का अधिग्रहण

1951 में स्थापित, एयर वर्क्स ग्रुप 27 शहरों में सबसे बड़े अखिल भारतीय नेटवर्क के साथ भारत का सबसे बड़ा और अत्यधिक विविध स्वतंत्र एमआरओ है।

Adani Defence & Aerospace- India TV Paisa Image Source : ADANI Adani Defence & Aerospace

Highlights

  • ADSTL ने एयर का अधिग्रहण करने के लिए निश्चित समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं
  • एयर वर्क्स की भारत की सबसे बड़ी और अत्युधिक विविधता वाली स्वतंत MRO है
  • 27 प्रमुख शहरों में उपस्थिति के साथ ही इसके पास देश का सबसे बड़ा नेटवर्क मौजूद

अदाणी समूह की कंपनी अदाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (ADSTL) ने एयर का अधिग्रहण करने के लिए निश्चित समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। एयर वर्क्स की भारत की सबसे बड़ी और अत्युधिक विविधता वाली स्वतंत एमआरओ है। देश के 27 प्रमुख शहरों में उपस्थिति के साथ ही इसके पास देश का सबसे बड़ा नेटवर्क मौजूद है। 

एयर वर्क्स ने रक्षा और एयरोस्पेस से जुड़े प्रमुख प्लेटफार्मों के लिए देश के भीतर व्यापक परिचालन क्षमता विकसित की है। भारतीय वायु सेना के 737 वीवीआईपी विमानों के लैंडिंग गियर पर पहले पी-8आई विमान चरण 32 जांच से चरण 48 जांच और एमआरओ तक, एयर वर्क्स अपने ईएएसए से विमान के एटीआर 42/72, ए320 और बी737 बेड़े के लिए आधार रखरखाव करता है। इसके पास मुंबई, दिल्ली, होसुर और कोच्चि में डीजीसीए-प्रमाणित निर्माण इकाइयां उपलब्ध हैं।

Image Source : AdaniAdani Defence & Aerospace

अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने कहा, "भारत के विकास की संभावनाओं और हवाई संपर्क के विशाल नेटवर्क के माध्यम से राष्ट्र को जोड़ने के सरकार के फोकस को देखते हुए, यह जरूरी है कि भारत की एयरलाइन और एयरपोर्ट क्षेत्र का प्राथमिक विकास सबसे पहले हो। ऐसे में, रक्षा और नागरिक एयरोस्पेस क्षेत्र दोनों में रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल क्षेत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। भारत को रक्षा विमानों के लिए एक बड़ा बाजार बनाने के लिए चल रहे आधुनिकीकरण कार्यक्रम के साथ यह क्षेत्र तेजी से उभर रहा है और वह देश की सीमाओं के भीतर सबसे रोमांचक, व्यापक, पैमाने पर और डिजिटल एमआरओ सेवाओं में से एक है। 

उन्होंने कहा कि "एयर वर्क्स के पास इस क्षेत्र में त्रुटिहीन क्षमताएं हैं और इसके पास 70 साल से अधिक का अनुभव है। इसकी मदद से भारत की पहली और इडस्ट्री के पहले प्रोजेक्ट पेश कर चुका है। अडाणी समूह की क्षमताओं के साथ मिलकय यह एक ऐसी इकाई तैयार होगी जो वास्तव में एक आत्मनिर्भर भारत की झलक पेश करेगा।"

एयर वर्क्स ग्रुप के एमडी और सीईओ डी आनंद भास्कर ने कहा, “भारत में रक्षा और नागरिक विमानों के क्षेत्र के लिए एमआरओ हब बनने की क्षमता है। यह एयर वर्क्स और उसके कर्मचारियों के लिए अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म के तहत शामिल होने का एक शानदार अवसर है। सिविल एवं डिफेंस एमआरओ के मिलन के साथ ही सरकार के नीतिगत उपायों और पहलों की मदद से बड़े पैमाने पर उत्पादन और रोजगार के विशाल अवसर पैदा होंगे।

1951 में स्थापित, एयर वर्क्स ग्रुप 27 शहरों में सबसे बड़े अखिल भारतीय नेटवर्क के साथ भारत का सबसे बड़ा और अत्यधिक विविध स्वतंत्र एमआरओ है। यह वैश्विक विमानन ओईएम, विमान मालिकों / ऑपरेटरों (फिक्स्ड विंग और रोटरी विंग सहित), पट्टेदारों, एयरलाइनों और भारतीय रक्षा सेवाओं के लिए पसंदीदा एमआरओ भागीदार है, जो एमआरओ और भारी जांच, लाइन रखरखाव, केबिन और आंतरिक नवीनीकरण, बाहरी परिष्करण और पेंटिंग, एवियोनिक्स अपग्रेड, इंटीग्रेशन और रेट्रोफिट्स, एंड-ऑफ-लीज / पुनर्वितरण जांच, रखरखाव प्रशिक्षण (सीएआर 147), और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए संपत्ति प्रबंधन सेवाएं सहित कई सेवाओं की पेशकश करता है।

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