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IDFC First Bank के बाद एक और प्राइवेट बैंक में करोड़ों रुपये के फ्रॉड का खुलासा, चार्जबैक की प्रक्रिया शुरू

बैंक की निगरानी और नियंत्रण प्रणाली के चलते 688 अनधिकृत कोशिशों को नाकाम कर दिया गया, जिससे करीब एक लाख डॉलर की राशि बच गई।

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Image Source : FREEPIK लैटिन अमेरिकी देश से होने वाले ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन पर लगाई गई अस्थायी रोक

प्राइवेट सेक्टर के येस बैंक ने गुरुवार को कहा कि उसके मल्टी-करेंसी प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड से जुड़े करीब 2.8 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 2.5 करोड़ रुपये) के अनधिकृत लेनदेन का पता चला है। बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि ये लेनदेन 'मल्टी-करेंसी प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड' के जरिए किए गए, जिन्हें BookMyForex के साथ साझेदारी में जारी किया गया था। ये संदिग्ध लेनदेन 24 फरवरी, 2026 की सुबह कुछ खास BIN (बैंक आइडेंटिफिकेशन नंबर) पर आधारित कार्ड से किए गए। ये लेनदेन एक लैटिन अमेरिकी देश में स्थित 15 वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर किए गए। 

येस बैंक ने शुरू की चार्जबैक की प्रक्रिया

बैंक ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, ''हमारी आंतरिक जांच में सामने आया कि घटना की अवधि में लगभग 5,000 ग्राहकों की तरफ से करीब 2.8 लाख डॉलर के लेनदेन को मंजूरी मिल गई थी।'' हालांकि, बैंक की निगरानी और नियंत्रण प्रणाली के चलते 688 अनधिकृत कोशिशों को नाकाम कर दिया गया, जिससे करीब एक लाख डॉलर की राशि बच गई। बैंक ने कहा कि प्रभावित ग्राहकों को किसी तरह का वित्तीय नुकसान न हो, इसके लिए कार्ड नेटवर्क के साथ मिलकर 'चार्जबैक' प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चार्जबैक का मतलब संदिग्ध या धोखाधड़ी वाले लेनदेन की राशि वापस मंगाने की प्रक्रिया से है। 

लैटिन अमेरिकी देश से होने वाले ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन पर अस्थायी रोक

सुरक्षा उपायों के तौर पर बैंक ने इस लैटिन अमेरिकी देश से होने वाले ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन पर अस्थायी रोक लगा दी है। बैंक ने कहा कि उसकी धोखाधड़ी निगरानी प्रणाली ने 24 फरवरी की सुबह लेनदेन अस्वीकृति में असामान्य बढ़ोतरी देखी, जिसके बाद ये मामला सामने आया। जापान की कंपनी सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन (SMBC) ने हाल ही में करीब 16,000 करोड़ रुपये में येस बैंक में 24.9 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। इस अधिग्रहण के बाद एसएमबीसी, येस बैंक की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई है। बताते चलें कि अभी हाल ही में प्राइवेट सेक्टर के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ था।

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