टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने अपना पहला बोइंग 787 ड्रीमलाइन हवाई जहाज रीफर्बिशमेंट के लिए अमेरिका भेज दिया है। बताते चलें कि एयर इंडिया का ये रीफर्बिशमेंट प्रोग्राम लंबे समय से प्लान हो रहा था, जिसके तहत एयरलाइन कंपनी ने अपना पहला विमान मरम्मत के लिए भेज दिया है। एयर इंडिया की ये पहल महीनों की प्लानिंग, डिलीवरी में देरी को दूर करने और वाइड-बॉडी केबिन के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
400 मिलियन डॉलर में होगा रीफर्बिशमेंट का काम
एयर इंडिया का ये रीफर्बिशमेंट प्रोग्राम 400 मिलियन डॉलर का अपग्रेड है, जिसके तहत वाइड बॉडी वाले 40 विमानों की मरम्मत करना है। इसमें बोइंग 787-8 और 777 के साथ-साथ 27 एयरबस A320neo नैरो-बॉडी प्लेन भी शामिल हैं। एयर इंडिया के फ्लीट में शामिल नैरो-बॉडी प्लेन का भी अपग्रेड जारी है और कुछ A320neo की मरम्मत पहले ही की जा चुकी है। जिसके बाद, अब एयर इंडिया का पूरा ध्यान ड्रीमलाइनर्स पर है।
रीफर्बिशमेंट प्रोग्राम में किए जाएंगे ये अहम काम
इस रीफर्बिशमेंट प्रोग्राम में नए डिजाइन वाले बिजनेस क्लास केबिन, जिनमें लाई-फ्लैट बेड के साथ एक विशिष्ट प्रीमियम इकोनॉमी क्लास और नई इकोनॉमी सीटिंग शामिल होगी। इंटीरियर की बात करें तो इसमें नए कार्पेट, सीट फैब्रिक, टॉयलेट, लाइटिंग और नई ब्रांडिंग शामिल हैं। ये चीजें फ्लीट को एयर इंडिया के नए एयरबस A350 के स्टैंडर्ड जैसा बनाने में मदद करेंगी। एयर इंडिया का लक्ष्य हर महीने कम से कम 2-3 वाइड-बॉडी प्लेन को रीफर्बिशमेंट कराना है। कंपनी 2027 के मध्य तक ये रीफर्बिशमेंट प्रोग्राम पूरा करना चाहती है।
बोइंग के वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट में शामिल हैं ये प्लेन
बोइंग के वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट में 747, 767, 777 और 787 शामिल हैं। 12 जून को हुए अहमदाबाद में हुए भीषण हादसे में भी बोइंग का 787 विमान ही शामिल था। उस हादसे में कुल 242 यात्रियों और क्रू मेंबर्स के साथ अहमदाबाद से लंदन के लिए टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों के अंदर प्लेन क्रैश हो गया था। इस हादसे में सिर्फ एक यात्री ही बच पाया था और बारी के सभी 241 यात्री और क्रू मेंबर्स मारे गए थे।
Latest Business News