असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि 2030 तक असम की अर्थव्यवस्था 143 अरब डॉलर की हो जाएगी। उन्होंने निवेशकों से राज्य की विकास यात्रा हिस्सा बनने का आग्रह भी किया। गुवाहाटी दो दिनों तक चलने वाले 'एडवांटेज असम 2.0 इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर समिट 2025' के उद्घाटन समारोह में शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य अब ‘‘सबसे अशांत’’ से ‘‘सबसे शांत’’ राज्य बन गया है। उन्होंने दावा किया, ‘‘ इस साल राज्य की जीडीपी ग्रोथ 15.2 प्रतिशत होगी। ये 2030 तक 143 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा।’’
इंडस्ट्री की स्थापना के लिए अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने का वादा
शर्मा ने 60 से ज्यादा देशों के मिशन प्रमुखों और राजदूतों, विदेशी व्यापार प्रतिनिधिमंडलों और देश के उद्योग जगत के नेताओं की मौजूदगी में कहा, ‘‘ मैं आज आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि हम असम में इंडस्ट्री की स्थापना के लिए सबसे अच्छा काम और अनुकूल माहौल सुनिश्चित करेंगे। कृपया यहां आएं और निवेश करें।’’ उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्र की सत्ता में आने के बाद से राज्य में पुनरुत्थान देखा गया है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में असम का हुआ पुनर्जन्म
उन्होंने कहा, ‘‘ आजादी के बाद असम की अर्थव्यवस्था में गिरावट शुरू हो गई क्योंकि व्यापार संबंध बाधित हो गए। असम ने दशकों तक आंदोलन और उग्रवाद देखा। 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में असम का पुनर्जन्म हुआ। एक समय सबसे अशांत राज्य, असम आज सबसे शांत राज्यों में से एक बन गया।’’ शर्मा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार सभी राज्यों को निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
असम के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री प्रतिस्पर्धी संघवाद को प्रोत्साहित करते हैं। यही कारण है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर तीसरे कार्यकाल का कार्यभार संभालने के बाद से अलग-अलग राज्यों में सात बिजनेस समिट में भाग लिया है, ताकि सभी राज्य एक साथ विकास पथ पर आगे बढ़ सकें।’’
Latest Business News