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इन शहरों में BluSmart ऐप से कैब बुक करने में हुई परेशानी, पैसेंजर रहे परेशान, जानें क्या थी वजह

बीते 9 जनवरी तक, कंपनी के पास 8,500 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारों का बेड़ा और दिल्ली एनसीआर और बेंगलुरु में 50 केंद्रों में 5,800 स्टेशनों का चार्जिंग नेटवर्क था।

शाम से ब्लूस्मार्ट राइड बुक करने के कई प्रयास फेल रहे। - India TV Hindi
Image Source : @BLUSMARTINDIA ON X शाम से ब्लूस्मार्ट राइड बुक करने के कई प्रयास फेल रहे।

ऐप आधारित टैक्सी बुक करने वाली कंपनी ब्लूस्मार्ट के पैसेंजर्स बुधवार को काफी परेशान रहे। दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और मुंबई में कई यात्री राइड हेलिंग ऐप ब्लूस्मार्ट के ज़रिए कैब बुक नहीं कर पाए। पीटीआई की खबर के मुताबिक, जेनसोल इंजीनियरिंग के प्रमोटर अनमोल सिंह जग्गी द्वारा सह-स्थापित ब्लूस्मार्ट दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु और मुंबई में इलेक्ट्रिक कार सेवाएं प्रदान करता है। कई पैसेंजर्स के मुताबिक, शाम से ब्लूस्मार्ट राइड बुक करने के कई प्रयास फेल रहे।

सेबी की जांच के दायरे में ब्लूस्मार्ट के संस्थापक

खबर के मुताबिक, जेनसोल और जग्गी वित्तीय संकटों सहित कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और बाजार नियामक सेबी की जांच के दायरे में आ गए हैं। जब इनसे संपर्क किया गया तो कंपनी के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बीते साल जून में, ब्लूस्मार्ट ने प्रीमियम ऑल-इलेक्ट्रिक लिमोसिन सेवा के रूप में यूएई में सेवाएं शुरू कीं। बीते 9 जनवरी तक, कंपनी के पास 8,500 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारों का बेड़ा और दिल्ली एनसीआर और बेंगलुरु में 50 केंद्रों में 5,800 स्टेशनों का चार्जिंग नेटवर्क था, और इसे 10,000 से अधिक सक्रिय ड्राइवर भागीदारों का सपोर्ट हासिल था।

प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित हुए जग्गी

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने मंगलवार को फंड डायवर्जन और गवर्नेंस लैप्स मामले में जेनसोल इंजीनियरिंग और प्रमोटरों- अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी - को अगले आदेश तक प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित कर दिया है। रेगुलेटर ने अनमोल और पुनीत सिंह जग्गी को अगले आदेश तक जेनसोल में निदेशक या प्रमुख प्रबंधकीय कर्मी का पद संभालने से भी रोक दिया है। इसके अलावा, बाजार नियामक ने जेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड (जीईएल) को उसके द्वारा घोषित स्टॉक विभाजन को रोकने का निर्देश दिया।

यह आदेश भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा जून 2024 में शेयर मूल्य में हेरफेर और जीईएल से फंड डायवर्जन से संबंधित शिकायत मिलने के बाद आया और उसके बाद मामले की जांच शुरू की।

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