करदाताओं को खासकर निम्न मध्यम वर्ग के करदाताओं को आज पेश होने वाले बजट में राहत मिल सकती है। डेलॉइट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार बंद हो रही अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए उपभोग को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है, इसलिए सरकार टैक्स छूट का दायरा बढ़ा सकती है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह विशेष रूप से 7 लाख रुपये से 10 लाख रुपये सालाना आय वर्ग के लोगों के लिए हो सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को देश का आम बजट पेश करने वाली हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी से संकेत
खबर के मुताबिक, मजूमदार ने कहा कि वित्त मंत्री को उन टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए देखा, जिन्होंने नई कर व्यवस्था को चुना है, जिसमें कोई छूट नहीं है, लेकिन कर लगाने के लिए उच्च आधार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देवी लक्ष्मी का आह्वान संभावित राहत के संकेत हो सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस इस टिप्पणी पर कि वह गरीब और मध्यम वर्ग पर कृपा बरसाने के लिए देवी लक्ष्मी से प्रार्थना करते हैं, मजूमदार ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री सीतारमण का जिक्र कर रहे थे और वह वास्तव में मध्यम वर्ग को आशीर्वाद देती हैं।
सबस ज्यादा संभावना
मजूमदार ने कहा कि सबसे अधिक संभावना है कि सरकार को 7-10 लाख रुपये की आय वाले स्लैब पर विचार करेगी, जहां वे संभवतः अधिक छूट के लिए जा सकते हैं। पिछले कुछ महीनों में अच्छी कृषि उपज के कारण ग्रामीण विकास में सकारात्मक वृद्धि हुई है। फ्लाइट और होटल किराए में वृद्धि का जिक्र करते हुए डेलॉइट इंडिया की अर्थशास्त्री ने यह भी कहा कि खर्च भी बढ़ रहा है। यह मध्यम वर्ग है, जो प्रभावित हो रहा है, और वास्तव में इसका एक बड़ा हिस्सा 7-10 के बीच है। ऐसे में यहां कुछ छूट देना और उन्हें कुछ राहत देना शायद समझदारी होगी। सरकार आज अगर ऐसी घोषणा करती है तो इससे निश्चित रूप से खपत बढ़ेगी।
सरकार पर बहुत फर्क नहीं पड़ेगा
मजूमदार ने कहा कि 7-10 लाख रुपये की सालाना आय वाले समूह से इकट्ठा किया गया टैक्स काफी छोटा हिस्सा है। छूट से सरकार द्वारा इकट्ठा किए जा रहे राजस्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार कर चोरी को रोककर तथा अधिक लोगों को कर दायरे में लाकर इसकी भरपाई कर सकती है। यह पूरी तरह संभव है कि सरकार विश्वास के साथ इस दिशा में आगे बढ़ सकती है, क्योंकि वहां राजस्व की स्थिति काफी अच्छी है।
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