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Budget 2025: होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट 5 लाख करने की वकालत, अफोर्डेबल हाउसिंग को मिले बढ़ावा

भारत में 2024 में घरों की बिक्री में कोरोना के बाद पहली बार गिरावट आई। घरों की कीमत बढ़ने से मांग घटी है। इसके चलते इस बार रियल एस्टेट सेक्टर बजट से काफी उम्मीदें लगाए हुए हैं।

Real Estate - India TV Hindi
Image Source : FILE रियल एस्टेट

1 फरवरी को आम बजट पेश करने की तैयारी जोरों पर है। केन्द्रीय बजट 2025-26 से रियल एस्टेट सेक्टर को काफी उम्मीदें है। इसी सिलसिले में नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के प्रतिनिधियों ने सोमवार को बजट पूर्व बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकत की और कई मांगे रखीं। वित्त मंत्री के साथ बजट पूर्व बैठक में भाग लेने के बाद नारेडको के चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में आसान फंडिंग बढ़ाने की जरूरत है। इसके अलावा ऊर्जा, शहरी विकास और सड़क बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए कई सुझाव दिए गए। 

होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट सीमा बढ़े 

हीरानंदानी ने कहा कि आवास ऋण में मौजूदा कटौती (आयकर अधिनियम के तहत) दो लाख रुपये है, जो बहुत कम है। इसे बढ़ाकर कम से कम पांच लाख रुपये करने की जरूरत है।’’ हीरानंदानी के अलावा जीएमआर समूह के बिजनेस चेयरमैन बीवीएन राव, एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एस परमसिवन और रीन्यू ग्रुप के चेयरमैन सुमंत सिन्हा समेत कई अन्य लोग बैठक में शामिल हुए। 

रियल एस्टेट बाजार को बढ़ावा दे बजट 

मोहित अग्रवाल, बिजनेस हेड, कॉन्शियंट ने कहा, "हमें उम्मीद है कि आगामी बजट में आवासीय रियल एस्टेट बाजार में मांग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की जाएगी, जो भारत की आर्थिक वृद्धि के एक अहम स्तंभ के रूप में कार्य करेगा। रियल एस्टेट क्षेत्र जो देश के जीडीपी में लगभग 8% का योगदान करता है, रोजगार सृजन और कई अन्य उद्योगों में विकास को प्रोत्साहित करता है। इस सकारात्मक विकास को बनाए रखने के लिए, सरकार द्वारा घर खरीदने वालों और डेवलपर्स के सामने आने वाली वित्तीय चुनौतियों को दूर करने के लिए कारगर उपायों की जरूरत है। इसमें कर राहत, वित्त तक बेहतर पहुंच और बाजार में तरलता को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन शामिल हो सकते हैं। इन उपायों पर ध्यान केंद्रित करके, 2025-26 का बजट रियल एस्टेट क्षेत्र के योगदान को और बढ़ा सकता है, जो न केवल भारत की समग्र आर्थिक वृद्धि में मदद करेगा, बल्कि दीर्घकालिक स्थिरता और विकास को भी सुनिश्चित करेगा।"

रियल स्टेट से बनेगी 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी

रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी जारी है। हालांकि, रॉ-मटेरियल्स की लागत बढ़ने से प्रॉपर्टी महंगी हुई है। इसके बावजूद होम बायर्स का हौसला पस्त नहीं हुआ है। देशभर में घरों की रिकॉर्ड बिक्री हो रही है। बजट से रियल्टी सेक्टर बड़ी राहत की उम्मीद कर रहा है। बजट से उम्मीदों को लेकर दिग्गज रियल्टी एक्सपर्ट और अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव ने कहा कि होम बायर्स और रियल एस्टेट सेक्टर की निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर हैं। होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा लंबे समय से 2 लाख रुपये है। इस दौराना घरों की कीमत करोड़ों में पहुंच गई है। ऐसे में इस सीमा को बढ़ाकर अब 5 लाख रुपये करने की जरूरत है। वहीं, पहली बार घर खरीदने वालों को प्रोत्साहन देने के लिए होम लोन पर सब्सिडी दी जानी चाहिए। रियल एस्टेट सेक्टर में रोजगार सृजन तेजी से हो, इसके लिए डेवलपर्स को आसान फंडिंग समेत एकल विंडो का विकल्प उपलब्ध कराना भी जरूरी है। 

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