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Cabinet Decision: झारखंड, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के 7 जिलों को सरकार ने दिया तोहफा, 2 रेलवे प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

रेलवे लाइन की बढ़ी हुई क्षमता परिवहन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी, जिससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता बेहतर होगी।

रेलवे लाइ- India TV Hindi
Image Source : PIXABAY रेलवे लाइ

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को झारखंड, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के सात जिलों से होकर गुजरने वाली दो रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी कुल लागत 6,405 करोड़ रुपये है। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) की बैठक में इन दोनों रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई। स्वीकृत परियोजनाओं में से एक 133 किलोमीटर लंबे कोडरमा-बरकाकाना ट्रैक के दोहरीकरण से संबंधित है। यह ट्रैक न केवल झारखंड के एक प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र से होकर गुजरता है, बल्कि पटना एवं रांची के बीच का सबसे छोटा और अधिक सक्षम रेल संपर्क मार्ग भी है।

बेल्लारी-चिकजाजुर ट्रैक का दोहरीकरण

दूसरी परियोजना 185 किलोमीटर लंबे बेल्लारी-चिकजाजुर ट्रैक के दोहरीकरण की है। यह ट्रैक कर्नाटक के बेल्लारी एवं चित्रदुर्ग जिलों और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से होकर गुजरता है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, स्वीकृत मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 1,408 गांवों तक रेल संपर्क बढ़ेगा। इन गांवों की कुल आबादी लगभग 28.19 लाख है। सरकार ने बयान में कहा, ‘‘ये रेल मार्ग कोयला, लौह अयस्क, तैयार इस्पात, सीमेंट, उर्वरक, कृषि एवं पेट्रोलियम उत्पादों जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक हैं। इनकी क्षमता में वृद्धि से 4.9 करोड़ टन प्रति वर्ष की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी।’’

लोगों को होगी काफी सुविधा

रेलवे लाइन की बढ़ी हुई क्षमता परिवहन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगी, जिससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता बेहतर होगी। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव रेलवे परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए तैयार किए गए हैं। सरकार ने कहा कि ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री मोदी के नए भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जो स्थानीय लोगों को व्यापक विकास के जरिये ‘आत्मनिर्भर’ बनाएगी और उनके लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। रेल मंत्रालय ने कहा कि ये परियोजनाएं बहु-आयामी संपर्क के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का परिणाम हैं, जो एकीकृत योजना के माध्यम से संभव हुआ है। इससे लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध संपर्क सुविधा मिलेगी।

318 किलोमीटर तक बढ़ जाएगा रेल नेटवर्क

मंत्रालय ने कहा, ‘‘झारखंड, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश राज्यों के सात जिलों को समाहित करने वाली दो परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 318 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी।’’ मंत्रालय ने कहा कि ये परियोजनाएं देश की लॉजिस्टिक लागत को कम करने, तेल आयात में 52 करोड़ लीटर की कमी लाने और कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में 264 करोड़ किलोग्राम की कटौती करने में मदद करेंगी, जो 11 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।

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