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अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल पर CBI का शिकंजा, ₹228 करोड़ फ्रॉड का केस दर्ज, जानें पूरा मामला

आरोप है कि अनमोल अंबानी ने अपने समूह की एक कंपनी के माध्यम से बैंक से ऋण (लोन) लिया था और बाद में ऋण चुकाने में विफल रहे, जिससे बैंक को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ।

बाएं से जय अनमोल अनिल अंबानी और अनिल अंबानी। (फाइल फोटो)- India TV Hindi
Image Source : PTI बाएं से जय अनमोल अनिल अंबानी और अनिल अंबानी। (फाइल फोटो)

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अनिल अंबानी के खिलाफ कथित धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज किया है। यह मामला यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया को 228.06 करोड़ रुपये का चूना लगाने से संबंधित है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह कार्रवाई बैंक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अनमोल अंबानी ने अपने समूह की एक कंपनी के माध्यम से बैंक से ऋण (लोन) लिया था और बाद में ऋण चुकाने में विफल रहे, जिससे बैंक को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ। सीबीआई अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है, जिसमें फंड के उपयोग और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच शामिल होगी।

₹450 करोड़ की क्रेडिट सुविधा का मामला

बैंक की शिकायत के अनुसार, RHFL ने मुंबई स्थित बैंक की SCF शाखा से अपनी व्यावसायिक जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹450 करोड़ की क्रेडिट लिमिट प्राप्त की थी। क्रेडिट सुविधा देते समय बैंक ने RHFL पर कई शर्तें लगाई थीं, जिनमें वित्तीय अनुशासन बनाए रखना, समय पर किस्तों का भुगतान, ब्याज और अन्य शुल्कों का भुगतान, और सभी बिक्री आय को बैंक खाते के माध्यम से रूट करना अनिवार्य था।

ऋण चूक और फंड डायवर्जन

कंपनी समय पर किस्तों का भुगतान करने में विफल रही, जिसके कारण यह खाता 30 सितंबर 2019 को एनपीए (Non-Performing Asset) घोषित कर दिया गया। बैंक की शिकायत के आधार पर, ग्रांट थॉर्नटन द्वारा 1 अप्रैल 2016 से 30 जून 2019 की अवधि के लिए फोरेंसिक ऑडिट कराया गया। जांच में यह पाया गया कि उधार लिए गए फंड का गलत तरीके से उपयोग किया गया। फंड का डायवर्जन किया गया और धनराशि को मूल व्यावसायिक उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों पर खर्च किया गया।

धोखाधड़ी का आरोप

बैंक ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि आरोपियों ने,जो कंपनी के पूर्व प्रमोटर/निदेशक थे, खातों में हेरफेर करके फंड का धोखाधड़ीपूर्ण ग़लत अप्रोप्रिएशन किया। उन्होंने बैंक द्वारा दिए गए वित्त का दुरुपयोग किया और धन को साइफन ऑफ कर अन्य कार्यों में लगा दिया, जिसके कारण बैंक को ₹228 करोड़ का नुकसान हुआ। सीबीआई ने अब इस मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

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