देश के आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की ग्रोथ रेट फरवरी में घटकर पांच महीने के निचले स्तर 2.9 प्रतिशत पर आ गयी। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। पिछले साल इसी महीने में बुनियादी उद्योगों की ग्रोथ रेट 7.1 प्रतिशत रही थी। मासिक आधार पर इन उद्योगों की ग्रोथ रेट जनवरी में दर्ज 5.1 प्रतिशत की ग्रोथ से कम रही। इससे पहले सितंबर में 2.4 प्रतिशत की न्यूनतम ग्रोथ दर्ज की गई थी। फरवरी में कच्चा तेल तथा प्राकृतिक गैस उत्पादन की ग्रोथ में गिरावट आई। कोयला, रिफाइनरी उत्पाद, स्टील और बिजली की प्रोडक्शन ग्रोथ क्रमशः 1.7 प्रतिशत, 0.8 प्रतिशत, 5.6 प्रतिशत और 2.8 प्रतिशत रही। फरवरी 2024 में यह 11.6 प्रतिशत, 2.6 प्रतिशत, 9.4 प्रतिशत और 7.6 प्रतिशत थी।
उर्वरक तथा सीमेंट उत्पादन में ठीक रही ग्रोथ
हालांकि, फरवरी 2025 में उर्वरक तथा सीमेंट उत्पादन में क्रमश: 10.2 प्रतिशत और 10.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-फरवरी अवधि में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली की ग्रोथ रेट 4.4 प्रतिशत रही। पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की समान अवधि में यह 7.8 प्रतिशत थी। आठ कोर सेक्टर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40.27 प्रतिशत का योगदान देते हैं। आईआईपी समग्र औद्योगिक विकास को मापता है।
फरवरी में 5 महीने के निचले स्तर पर कोर सेक्टर की ग्रोथ
रेटिंग एजेंसी इक्रा लि. की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने इन आंकड़ों पर कहा, ‘‘फरवरी 2025 में बुनियादी उद्योग की ग्रोथ रेट घटकर पांच महीने के निचले स्तर 2.9 प्रतिशत पर आ गई, जो जनवरी 2025 में 5.1 प्रतिशत थी। हालांकि, यह आंशिक रूप से उच्च तुलनात्मक आधार के कारण है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी और सीमेंट उत्पादन सहित आठ उद्योगों में से पांच का प्रदर्शन पिछले महीने की तुलना में फरवरी 2025 में सालाना आधार पर कमजोर रहा। इन रुझानों को देखते हुए हम उम्मीद करते हैं कि आईआईपी ग्रोथ फरवरी 2025 में कम होकर 3.0 से 3.5 प्रतिशत तक रहेगी जो जनवरी 2025 में 5.0 प्रतिशत थी।’’
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