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Hindi News पैसा बिज़नेस Crude Oil की कीमत 100 डॉलर से नीचे फिसला, 6% से ज्यादा की गिरावट, जानें किसका रहा असर

Crude Oil की कीमत 100 डॉलर से नीचे फिसला, 6% से ज्यादा की गिरावट, जानें किसका रहा असर

9 मार्च को तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया था और यह 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया था। हालांकि जानकार का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए कच्चे तेल की कीमतों में आने वाले दिनों में भी काफी उतार-चढ़ाव रह सकता है।

तेल आने वाले समय में तेल 75 से 105 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर सकता है।- India TV Paisa Image Source : FREEPIK तेल आने वाले समय में तेल 75 से 105 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों को लेकर एक राहत भरी खबर है। मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। एक दिन पहले तेल की कीमतें तीन साल से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गई थीं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद बाजार में कुछ राहत आई। ट्रंप ने संकेत दिया कि क्षेत्र में चल रहा युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान की आशंका कम हो गई है। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड के वायदा भाव 6.51 डॉलर यानी लगभग 6.6% गिरकर 92.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 6.12 डॉलर यानी करीब 6.5% टूटकर 88.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

सोमवार को 119.50 डॉलर तक पहुंच गई थी कीमत

खबर के मुताबिक, सोमवार को तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया था। इस दौरान ब्रेंट 119.50 डॉलर और WTI 119.48 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो 2022 के मध्य के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। सऊदी अरब सहित कुछ प्रमुख उत्पादक देशों द्वारा उत्पादन में कटौती और अमेरिका-इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने कीमतों को बढ़ा दिया था। हालांकि बाद में कीमतों में गिरावट तब आई जब रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की। बताया गया कि इस बातचीत में ईरान युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए कुछ प्रस्तावों पर चर्चा हुई। क्रेमलिन के एक सहयोगी के मुताबिक इन प्रयासों से संघर्ष जल्दी समाप्त होने की उम्मीद जगी है, जिससे तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कम हुई।

ट्रंप ने बयान में कहा

ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध लगभग खत्म होने की स्थिति में है और अमेरिका इस मामले में अपने शुरुआती अनुमान से कहीं आगे बढ़ चुका है। वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने चेतावनी दी कि युद्ध कब खत्म होगा इसका फैसला वही करेंगे। साथ ही कहा कि यदि अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहे तो क्षेत्र से तेल निर्यात पूरी तरह रोक दिया जाएगा। इसके अलावा बाजार पर दबाव इसलिए भी बना रहा क्योंकि खबरें हैं कि ट्रंप रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों में ढील देने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन कच्चे तेल भंडार जारी करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

कीमतों में आगे भी काफी उतार-चढ़ाव रह सकता है

मार्केट एनालिस्ट टोनी सिकामोर का मानना है कि हालिया घटनाओं को देखते हुए कच्चे तेल की कीमतों में आगे भी काफी उतार-चढ़ाव रह सकता है। उनके मुताबिक आने वाले समय में तेल 75 से 105 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर सकता है। इस बीच खाड़ी क्षेत्र के कई तेल उत्पादक देशों ने भी उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के कारण क्षेत्र में शिपिंग प्रभावित हुई है। सप्ताहांत में इराक ने अपने दक्षिणी तेल क्षेत्रों में उत्पादन करीब 70% घटाकर 1.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन कर दिया, जबकि कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने भी उत्पादन कम करने के साथ ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित कर दिया है।

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