1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से अमेरिकी वृद्धि पर पड़ेगा बुरा असर, दिग्गज अर्थशास्त्री बोले- H-1B वीजा की फीस बढ़ाने के होंगे दुष्परिणाम

डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से अमेरिकी वृद्धि पर पड़ेगा बुरा असर, दिग्गज अर्थशास्त्री बोले- H-1B वीजा की फीस बढ़ाने के होंगे दुष्परिणाम

केनेथ रोगॉफ ने कहा, ‘‘अगर आप कैलिफोर्निया की सिलिकॉन वैली में जाएं तो वहां भारतीय इंजीनियरों और टैक्निकल प्रोफेशनल्स की संख्या काफी ज्यादा है। अगर इन टैलेंट को आने से रोका गया तो इसके बहुत बड़े दुष्परिणाम होंगे।’’

donald trump, us, tariff, us tariff, us tariff policy, tariff, Kenneth Rogoff, harvard university, u- India TV Hindi
Image Source : POTUS टैरिफ और इमिग्रेशन पर प्रतिबंध लगाने से थम जाएगी अमेरिका की रफ्तार

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के जाने-माने इकोनॉमिस्ट केनेथ रोगॉफ ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत समेत कई देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने और H-1B वीजा फीस में जबरस्त बढ़ोतरी से अमेरिका की आर्थिक वृद्धि पर बुरा असर पड़ेगा। रोगॉफ ने पीटीआई के साथ बातचीत में कहा कि उच्च कौशल वाले कर्मचारियों के वीजा उदार तरीके से जारी होने चाहिए लेकिन मौजूदा नियम ‘हड़बड़ी और बिना सोचे-समझे’ बनाए गए हैं। अमेरिका ने H-1B वीजा के ऐप्लिकेशन को बढ़ा दिया है, जिससे इस वीजा के सबसे ज्यादा लाभार्थी भारतीय प्रोफेशनल्स पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। 

अमेरिकी सरकार को बढ़ानी चाहिए वीजा की संख्या

केनेथ रोगॉफ ने कहा, ‘‘अगर आप कैलिफोर्निया की सिलिकॉन वैली में जाएं तो वहां भारतीय इंजीनियरों और टैक्निकल प्रोफेशनल्स की संख्या काफी ज्यादा है। अगर इन टैलेंट को आने से रोका गया तो इसके बहुत बड़े दुष्परिणाम होंगे।’’ आईएमएफ के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री रोगॉफ ने कहा कि अमेरिकी कंपनियां एच-1बी वीजा के प्रायोजन पर 2,000 से 5,000 डॉलर तक की फीस देती हैं। उन्होंने कहा कि ये ‘फीस’ लगाना ट्रंप प्रशासन की गलती है और अमेरिकी सरकार को वीजाओं की संख्या बढ़ानी चाहिए। रेगॉफ ने कहा कि ट्रंप प्रशासन का ये फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने से द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ा है। 

टैरिफ और इमिग्रेशन पर प्रतिबंध लगाने से थम जाएगी अमेरिका की रफ्तार

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं उन कारकों को देखूं जो अमेरिकी वृद्धि को रोक रहे हैं तो टैरिफ एक कारण है, लेकिन इमिग्रेशन पर प्रतिबंध उससे भी बड़ा कारण है।’’ भारत के संदर्भ में रोगॉफ ने कहा कि उसे अपने भारी टैरिफ कम करने होंगे और छोटे एवं मध्यम उद्योगों के लिए ज्यादा प्रतिस्पर्धी वातावरण तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय में भारत 8 से लेकर 9 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर सकता है। ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर टिप्पणी करते हुए रोगॉफ ने कहा कि अमेरिका एक समय में किसी एक देश या क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करके आक्रामक सौदेबाजी करना चाहता है लेकिन भविष्य में चीन, भारत, यूरोपीय संघ और ब्राजील जैसे देश मिलकर इसका मुकाबला कर सकते हैं।

Latest Business News