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ट्रंप के 'टैरिफ बम' का भारत के किस सेक्टर पर नहीं पड़ेगा असर? जानें अमेरिका ने किसमें देखा अपना स्वार्थ?

अमेरिकी बाजार तक भारत की पहुंच उसके जेनेरिक दवा उद्योग को मुनाफे में रहने में मदद करती है, जबकि अमेरिका अपनी मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त जेनेरिक दवाएं नहीं बना पाता।

अमेरिकी मार्केट में भारतीय जेनरिक दवाइयों की निर्भरता काफी है। - India TV Hindi
Image Source : PIXABAY अमेरिकी मार्केट में भारतीय जेनरिक दवाइयों की निर्भरता काफी है।

अमेरिका ने 27 अगस्त से भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ (25 प्रतिशत टैरिफ+25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ) लागू कर दिया है। लेकिन इसमें अमेरिका ने अपने स्वार्थ का भी खास ख्याल रखते हुए भारतीय दवाइयों, स्मार्टफोन और पेट्रो केमिकल्स पर टैरिफ को लागू नहीं किया है। अमेरिका ने इन चीजों पर टैरिफ को पहले के स्तर पर ही बनाए रखा है। इसी तरह, उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका को भारत के कुल निर्यात में रसायनों का हिस्सा लगभग 18 प्रतिशत है, जिसका वित्त वर्ष 2024 का निर्यात मूल्य लगभग 5.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने बीते दिनों एक अनुमान में कहा टैरिफ वृद्धि से वित्त वर्ष 2026 में रासायनिक निर्यात में 2-7 अरब अमेरिकी डॉलर की कमी आ सकती है।

भारतीय जेनरिक दवाओं पर काफी हद तक निर्भर है अमेरिका

दरअसल अमेरिकी मार्केट में भारतीय जेनरिक दवाइयों की निर्भरता काफी है। अमेरिका में, जहां दस में से नौ प्रिसक्रिप्शन जेनेरिक दवाओं के होते हैं, भारत उन जेनेरिक दवाओं का लगभग 40% उपलब्ध कराता है। ऐसे में अमेरिका में परेशानी न खड़ी हो जाए, ट्रंप ने दवा को टैरिफ से बाहर रखा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दवाइयों के मामले में भारत और अमेरिका एक-दूसरे पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। अमेरिकी बाजार तक भारत की पहुंच उसके जेनेरिक दवा उद्योग को मुनाफे में रहने में मदद करती है, जबकि अमेरिका अपनी मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त जेनेरिक दवाएं नहीं बना पाता।

किन सेक्टर पर टैरिफ का असर नहीं 

  निर्यात  पहले टैरिफ  अब कुल टैरिफ 
दवाइयां 9.5 बिलियन डॉलर  0
स्मार्टफोन    10.6 बिलियन डॉलर  0
पेट्रो केमिकल   4.1 बिलियन डॉलर   6.9% 6.9%


किन सेक्टर पर होगा असर?

  निर्यात  पहले टैरिफ अब कुल टैरिफ
गारमेंट  3.4 बिलियन डॉलर 12%  62%
होम टेक्सटाइल 3.0 बिलियन डॉलर   9% 59%
झींगा मछली  2 बिलियन डॉलर 0 60 %
ज्वेलरी  3.6 बिलियन डॉलर 5.8%  55.8%
डायमंड 4.9 बिलियन डॉलर 0 50%
मशीनरी पार्ट्स 6.7 बिलियन डॉलर 1.3% 51.3%
ऑटो पार्ट्स 6.4 बिलियन डॉलर 1% 26-51%


मोबाइल एक्सपोर्ट का भी है बड़ा आंकड़ा

भारत से अमेरिका को बड़ी मात्रा में मेड इन इंडिया स्मार्टफोन एक्सपोर्ट किए जाते हैं। India Briefing के मुताबिक, जुलाई में आई एक रिपोर्ट में कहा गया कि भारत 2025 की दूसरी तिमाही में अमेरिकी बाजार में शीर्ष स्मार्टफोन आपूर्तिकर्ता के रूप में चीन से आगे निकल गया है, इसकी निर्यात हिस्सेदारी साल-दर-साल 13 प्रतिशत से बढ़कर 44 प्रतिशत हो गई है।

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