फेस्टिव सीजन की सेल के शुरुआती 2 दिनों में ई-कॉमर्स कंपनियों ने लगभग 2,40,00,00,00,000 रुपये (24,000 करोड़ रुपये) का सामान बेच दिया। ऑर्डर की संख्या में जोरदार बढ़ोतरी के दम पर ये बिक्री दर्ज की गई, जिसमें वैल्यू के लिहाज से मोबाइल फोन की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। कंसल्टिंग कंपनी रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स ने ये जानकारी दी है। कंसल्टिंग फर्म का अनुमान है कि ग्राहकों ने अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो, आजिओ और कई अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कुल मिलाकर लगभग 8,00,00,000 से 9,00,00,000 ऑर्डर दिए।
भारत में और विस्तृत हो रहा है फेस्टिव ई-कॉमर्स का दायरा
रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के एसोसिएट पार्टनर निखिल दलाल ने पीटीआई को बताया कि शुरुआती 2 दिन ये दर्शाते हैं कि भारत में फेस्टिव ई-कॉमर्स का दायरा और विस्तृत हो रहा है। इस बढ़ोतरी में ऑर्डर की संख्या का मुख्य योगदान है, जहां उपभोक्ता सिर्फ मोबाइल फोन तक सीमित न रहकर फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों पर भी जमकर खर्च कर रहे हैं।
सस्ते और किफायती फैशन प्रोडक्ट्स की मांग में बढ़ोतरी
निखिल दलाल ने कहा, ''सस्ते और किफायती फैशन प्रोडक्ट्स की मांग सबसे अलग नजर आई, क्योंकि दूसरी श्रेणी (टियर-2) और छोटे शहरों के ग्राहकों ने किफायती कीमतों पर त्योहारी कपड़े खरीदे। शुरुआती दो दिन में ग्रॉस ट्रेडिंग वैल्यू (GMV) 2.5 अरब डॉलर (करीब 24,200 करोड़ रुपये) से ज्यादा रहा और लगभग 6 से 6.5 करोड़ खरीदार अब तक सेल में खरीदारी कर चुके हैं।''
क्विक कॉमर्स यूनिट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स
फर्म ने बताया कि जीएमवी में ये बढ़ोतरी सामान्य कारोबारी दिनों (BAU) की दैनिक औसत दर से लगभग 6 गुना ज्यादा रही। अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां बिक्री के लिए अपनी 'क्विक कॉमर्स' यूनिट्स का इस्तेमाल कर रही हैं और प्लेटफॉर्म पर उनकी प्रमुखता बढ़ा रही हैं, जिसने सामान्य दिन के दैनिक औसत से 4-5 गुना ज्यादा जीएमवी दर्ज किया।
कुल बिक्री में 38-40 प्रतिशत रही मोबाइल फोन की हिस्सेदारी
अनुमानों के अनुसार, वैल्यू के लिहाज से मोबाइल फोन सबसे बड़ी कैटेगरी बनी रही, लेकिन बड़े घरेलू उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री बाजार की औसत वृद्धि दर से ज्यादा तेजी से बढ़ी। कुल बिक्री में मोबाइल फोन की हिस्सेदारी 38 से 40 प्रतिशत यानी लगभग 9100 से 9600 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की हिस्सेदारी लगभग 25-27 प्रतिशत
कुल बिक्री में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की हिस्सेदारी लगभग 25 से 27 प्रतिशत (6000 से 6500 करोड़ रुपये) और फैशन उत्पादों की हिस्सेदारी 15 से 18 प्रतिशत (लगभग 3630 से 4350 करोड़ रुपये) रहने का अनुमान है। रेडसीर के अनुसार, शुरुआती दिन खरीदारी करने वालों में लगभग एक-तिहाई हिस्सेदारी Gen Z की रही।
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