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Goldman Sachs में चीफ एडवाइजर बने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, एजुकेशन के लिए दान करेंगे सैलरी

राजनीति में प्रवेश करने से पहले सुनक ने अमेरिका स्थित मल्टीनेशनल इंवेस्टमेंट बैंक में काम किया था। बैंक ने मंगलवार को ये घोषणा की।

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Image Source : RISHI SUNAK गोल्डमैन सैक्स में पहले भी काम कर चुके हैं ऋषि सुनक

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक बैंकिंग सेक्टर में वापसी कर ली है। दिग्गज इंवेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने पूर्व प्रधानमंत्री सुनक को बतौर चीफ एडवाइजर अपॉइंट किया है। ऋषि सुनक इस जॉब से होने वाली इनकम को उस एजुकेशन चैरिटी को दान करने की योजना बना रहे हैं, जिसे उन्होंने हाल ही में अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ मिलकर स्थापित किया है। राजनीति में प्रवेश करने से पहले सुनक ने अमेरिका स्थित मल्टीनेशनल इंवेस्टमेंट बैंक में काम किया था। बैंक ने मंगलवार को ये घोषणा की। ये घोषणा पिछले साल 4 जुलाई को आम चुनाव में हार के बाद ब्रिटिश भारतीय नेता के मंत्री पद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद जरूरी 12 महीने की अवधि बीत जाने के बाद की गई है। 

रिचमंड प्रोजेक्ट को दान में दी जाएगी सैलरी

ब्रिटेन के बिजनेस अपॉइंटमेंट्स पर एडवाइजर कमेटी, जिसे पूर्व मंत्रियों द्वारा पद छोड़ने के बाद कम से कम 2 सालों तक लिए जाने वाले किसी भी पद को मंजूरी देना आवश्यक होता है, ने कुछ शर्तों के साथ अपनी मंजूरी दी। इन शर्तों का उद्देश्य “सरकार के लिए संभावित जोखिमों को कम करना” है, जो कि पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में सुनक को प्राप्त विशेषाधिकार प्राप्त जानकारी तक उनकी पहुंच से संबंधित हैं। इसमें ये भी उल्लेख किया गया है कि उनकी नई नौकरी से मिलने वाली सैलरी धर्मार्थ संस्था ‘रिचमंड प्रोजेक्ट’ को दिया जाएगा जिसकी घोषणा इस साल की शुरुआत में मूर्ति के साथ एक संयुक्त पहल के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य इंग्लैंड में बच्चों और युवाओं के बीच गणित और अंकगणित कौशल में सुधार लाना है।

सुनक की भूमिका में शामिल नहीं होगी सरकार के लिए लामबंदी

इस हफ्ते पब्लिश हुई कमेटी के कंसल्टेशन में लिखा है, “गोल्डमैन सैक्स की ब्रिटेन सरकार की नीतियों में गहरी दिलचस्पी है। पूर्व प्रधानमंत्री होने के नाते, ये चिंता वाजिब है कि आपकी नियुक्ति को ब्रिटेन सरकार के भीतर अनुचित पहुंच और प्रभाव प्रदान करने वाली माना जा सकता है।” इसमें कहा गया, “आपने और गोल्डमैन सैक्स ने कमेटी के सामने पुष्टि की है कि इस भूमिका में सरकार के लिए लामबंदी शामिल नहीं होगी, जिसे सभी पूर्व मंत्रियों को पद छोड़ने के बाद दो सालों तक करने से रोका जाता है। कमेटी ने माना कि यदि आप इस भूमिका में ब्रिटिश सरकार के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत शुरू करते हैं तो ये देखते हुए कि ये आपका घोषित इरादा नहीं है, कथित लामबंदी के जोखिम को कम करना मुश्किल होगा।”

गोल्डमैन सैक्स में पहले भी काम कर चुके हैं ऋषि सुनक

शर्तों के तहत, सुनक मंत्री पद पर रहते हुए उपलब्ध किसी भी विशेषाधिकार प्राप्त जानकारी का इस्तेमाल नहीं करेंगे। सुनक ने इससे पहले 2000 में गोल्डमैन सैक्स में इंवेस्टमेंट बैंकिंग में समर इंटर्न के रूप में काम किया था और बाद में 2001 से 2004 के बीच एनालिस्ट के रूप में काम किया था।

पीटीआई इनपुट्स के साथ

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