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MSMEs और एयरलाइंस को बड़ी राहत, सरकार ने शुरू की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम

केंद्रीय कैबिनेट ने पश्चिम एशिया संघर्ष की वजह से MSME और एयरलाइन सेक्टर को राहत देने के मकसद से यह पहल की है। सरकार की कोशिश आर्थिक तंत्र की मजबूती को बनाए रखना है।

यह योजना पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण MSME और एयरलाइन सेक्टर पर पड़े दबाव को कम करने के लिए लाई गई है- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK यह योजना पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण MSME और एयरलाइन सेक्टर पर पड़े दबाव को कम करने के लिए लाई गई है।

केंद्र सरकार ने मंगलवार को माइक्रो, स्मॉल एवं मीडियम एंटरप्राइजेज यानी MSMEs, एयरलाइंस और दूसरी कंपनियों को पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए 18,100 करोड़ रुपये के प्रावधान वाली इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) को मंजूरी दे दी। पीटीआई की खबर के मुताबिक, इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों की कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की जरूरतों को पूरा करना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत इस योजना के माध्यम से 2.55 लाख करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज प्रवाह सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

दबाव को कम करने के लिए सरकार की पहल

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण MSME और एयरलाइन सेक्टर पर पड़े दबाव को कम करने के लिए लाई गई है। सरकार के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित क्रेडिट गारंटी योजना व्यवसायों को संचालन जारी रखने, रोजगार की सुरक्षा करने, सप्लाई चेन को बनाए रखने और घरेलू उत्पादन को निर्बाध चलाने में मदद करेगी। समय पर तरलता उपलब्ध कराने से न सिर्फ नौकरियों के नुकसान को रोका जा सकेगा, बल्कि पूरे आर्थिक तंत्र की मजबूती भी बनी रहेगी।

पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों से उबरने में मदद मिलेगी

सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस योजना का उद्देश्य व्यवसायों को पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों से उबरने में मदद करना है। बयान के अनुसार, यह योजना व्यवसायों को अपने संचालन जारी रखने, रोजगार की सुरक्षा करने और सप्लाई चेन को बनाए रखने में मदद करेगी। प्रस्तावित क्रेडिट गारंटी योजना MSMEs और एयरलाइन सेक्टर सहित विभिन्न उद्योगों की अतिरिक्त कार्यशील पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

नौकरियों के नुकसान को रोकने में मदद मिलेगी

सरकार का कहना है कि समय पर तरलता (लिक्विडिटी) उपलब्ध कराने से यह योजना व्यवसायों को स्थिर बनाए रखने और नौकरियों के नुकसान को रोकने में सहायक होगी। इसके अलावा, यह घरेलू उत्पादन को बिना रुकावट जारी रखने और पूरे आर्थिक तंत्र की मजबूती बनाए रखने में भी मदद करेगी। गौरतलब है कि फरवरी में शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण MSMEs और एयरलाइंस सेक्टर को भारी वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

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