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Hindi News पैसा बिज़नेस IRCTC और IRFC को सरकार ने दिया नवरत्न कंपनी का दर्जा, मिलेंगे कई सारे फायदे

IRCTC और IRFC को सरकार ने दिया नवरत्न कंपनी का दर्जा, मिलेंगे कई सारे फायदे

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर एक पोस्ट में आईआरसीटीसी और आईआरएफसी की टीमों को 'नवरत्न' का दर्जा मिलने में योगदान देने के लिए बधाई दी।

आईआरसीटीसी- India TV Paisa Image Source : FILE आईआरसीटीसी

सरकारी कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) को सरकार ने 'नवरत्न' का दर्जा दे दिया है। सरकार ने सोमवार को इन दोनों कंपनियों को नवरत्न कंपनी का दर्जा दिया है। डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर यह जानकारी दी है। पोस्ट के अनुसार आईआरसीटीसी और आईआरएफसी को 25वीं और 26वीं नवरत्न CPSEs बना दिया गया है।

कैसी है वित्तीय स्थिति?

सार्वजनिक उद्यम विभाग ने लिखा, "आईआरसीटीसी रेलवे मंत्रालय का एक सीपीएसई (केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम) है, जिसका वार्षिक कारोबार 4,270.18 करोड़ रुपये, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 1,111.26 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023-24 के लिए नेटवर्थ 3,229.97 करोड़ रुपये है।" इसके अलावा, सार्वजनिक उद्यम विभाग ने एक अलग पोस्ट में यह भी कहा कि आईआरएफसी रेलवे मंत्रालय का एक सीपीएसई है, जिसका वार्षिक कारोबार 26,644 करोड़ रुपये, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 6,412 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023-24 के लिए नेटवर्थ 49,178 करोड़ रुपये है।

अश्विनी वैष्णव ने दी बधाई

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में आईआरसीटीसी और आईआरएफसी की टीमों को 'नवरत्न' का दर्जा मिलने में योगदान देने के लिए बधाई दी। अश्विनी वैष्णव ने अपनी पोस्ट में कहा, "टीम आईआरसीटीसी और टीम आईआरएफसी को नवरत्न का दर्जा मिलने पर बधाई।"

क्या होता है 'नवरत्न' का दर्जा?

नवरत्न का दर्जा असाधारण फाइनेंशियल और मार्केट परफॉर्मेंस वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) को दिया जाता है। यह कदम उनकी वैल्यू को मान्यता देता है और उन्हें अपनी वित्तीय शक्तियों का विस्तार करने की अनुमति देता है। 'नवरत्न' दर्जे के लाभों में से एक यह है कि कंपनियों को वित्तीय और परिचालन स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे वे केंद्र सरकार से पूर्व अनुमति मांगे बिना एक ही परियोजना पर 1,000 करोड़ रुपये या अपनी शुद्ध संपत्ति का 15 प्रतिशत तक निवेश कर सकेंगे। वे स्वतंत्र रूप से अलायंस बना सकेंगे, सब्सिडियरी और जॉइंट वेंचर स्थापित कर सकेंगे।

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