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सरकार ने रिफाइनरियों के लिए फिक्स किया LPG प्रोडक्शन टारगेट, रिलायंस को मिला सबसे बड़ा लक्ष्य

भारत में वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 3.32 करोड़ टन एलपीजी की खपत हुई, जबकि घरेलू उत्पादन लगभग 1.31 करोड़ टन रहा।

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Image Source : PTI एलपीजी सिलेंडर

सरकार ने घरेलू लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए पहली बार अलग-अलग रिफाइनरी यूनिट्स और तेल-गैस कंपनियों के लिए मैक्सिमम प्रोडक्शन टारगेट तय किए हैं। सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान रसोई गैस (LPG) की सप्लाई प्रभावित होने के बाद ये बड़ा कदम उठाया है। 

21 रिफाइनरी और अपस्ट्रीम कंपनियों को रोजाना 63,810 टन एलपीजी का करना होगा उत्पादन

सरकार ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के 13 अगस्त के आदेश के तहत, 21 रिफाइनरी और अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए रोजाना कुल 63,810 टन एलपीजी उत्पादन क्षमता निर्धारित की गई है। ये 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष के डोमेस्टिक एलपीजी प्रोडक्शन के दोगुने से भी ज्यादा है। इसके साथ ही, ये आंकड़ा देश की 70 प्रतिशत दैनिक खपत के बराबर है। हालांकि, ये टारगेट सप्लाई में कमी की स्थिति में लागू होंगे। 

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने खपत का 64 प्रतिशत गैस किया आयात 

भारत में वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 3.32 करोड़ टन एलपीजी की खपत हुई, जबकि घरेलू उत्पादन लगभग 1.31 करोड़ टन रहा। करीब 2.13 करोड़ टन एलपीजी का आयात करना पड़ा। यानी, देश अपनी एलपीजी जरूरत का 64 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा आयात करता है। सरकार का ये कदम उस संकट को ध्यान में रखते हुए आया है, जब पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एलपीजी का आयात बुरी तरह से प्रभावित हुआ था। उस समय घरेलू एलपीजी की सप्लाई को बनाए रखने के लिए रिफाइनरियों को प्रोडक्शन बढ़ाने, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कंज्यूमर्स को सप्लाई सीमित करने और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग की अवधि बढ़ाने जैसे कदम उठाने पड़े थे। 

रिलायंस को मिला सबसे बड़ा टारगेट

नए आदेश के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर स्थित घरेलू बाजार के लिए चलाई जाने वाली रिफाइनरी को सबसे बड़ा लक्ष्य दिया गया है। रिलायंस को जरूरत पड़ने की स्थिति में रोजाना 18,000 टन एलपीजी उत्पादन करना होगा। वहीं, रूस की रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी के लिए रोजाना 4,480 टन का लक्ष्य तय किया गया है। इनके अलावा, 18 सरकारी रिफाइनरी यूनिट्स को मिलाकर रोजाना 31,470 टन एलपीजी उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है। 

कंपनियों को दिए गए खास निर्देश

रिलायंस की जामनगर स्थित सिर्फ एक्सपोर्ट के लिए चलाई जाने वाली दूसरी रिफाइनरी को कोई टारगेट नहीं दिया गया है। नए सिस्टम में कंपनियों को एलपीजी के भंडारण, निकासी और परिवहन के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा बनाए रखने और उत्पादन बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी और आर्थिक रूप से व्यवहार्य उपाय करने को कहा गया है। इनमें जरूरत पड़ने पर नैफ्था को एलपीजी में बदलना और फ्लूइड कैटेलिटिक क्रैकिंग यूनिट्स को एडवांस बनाना भी शामिल है। 

हर 6 महीने में उत्पादन लक्ष्यों की समीक्षा करेगी सरकार

सरकार ने कहा है कि वो हर 6 महीने में उत्पादन लक्ष्यों की समीक्षा करेगी। नई रिफाइनरी, नए तेल-गैस क्षेत्रों और तकनीकी उन्नयन से पैदा होने वाली अतिरिक्त क्षमता को भी इसमें शामिल किया जा सकेगा। इस तरह सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के दौरान उठाए गए अस्थायी कदमों को अब एक स्थायी आपूर्ति-सुरक्षा व्यवस्था का रूप देने की कोशिश की है, ताकि भविष्य में विदेशी एलपीजी आपूर्ति बाधित होने पर घरेलू उपभोक्ताओं को कमी, राशनिंग या रिफिल पर प्रतिबंध जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

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