1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. IDBI Bank में ₹52,878 करोड़ में 60.72% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

IDBI Bank में ₹52,878 करोड़ में 60.72% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

इस बिक्री में केंद्र सरकार की 30.48 प्रतिशत और एलआईसी की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है। डील के बाद आईडीबीआई बैंक में भारत सरकार की 15 प्रतिशत और LIC की 19 प्रतिशत हिस्सेदारी रह जाएगी।

IDBI Bank, LIC, Government of India, Fairfax Financial Holdings Limited, Disinvestment- India TV Hindi
Image Source : PTI IDBI Bank

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को IDBI Bank में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड 52,878.08 करोड़ रुपये में आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। बताते चलें कि एयर इंडिया की बिक्री के बाद ये देश का सबसे बड़ा रणनीतिक विनिवेश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) की मीटिंग में ये फैसला किया गया। 

फाइनेंशियल सेक्टर में होगा अभी तक का सबसे सबसे बड़ा FDI

सरकार का ये फैसला 5 साल से भी ज्यादा समय से चल रही विनिवेश प्रक्रिया को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने बयान में कहा, ''इस डील के पूरा होने पर हमारी इकोनॉमी में फाइनेंशियल सेक्टर में अभी तक का सबसे सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) होगा।" सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी मीडिया के साथ बातचीत करते हुए आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन पर मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी दी। 

केंद्र सरकार और सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी मिलकर बेच रहे हैं हिस्सेदारी

इस रणनीतिक पुनर्गठन के बाद आईडीबीआई बैंक में भारत सरकार की 15 प्रतिशत और सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की 19 प्रतिशत हिस्सेदारी रह जाएगी। सरकार और एलआईसी की संयुक्त रूप से 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी की प्रस्तावित बिक्री से बैंक का कंट्रोल फेयरफैक्स के पास चला जाएगा। हालांकि, ये डील पूरा होने और जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिलने पर निर्भर करेगा। 

बिक्री में केंद्र सरकार की 30.48% और एलआईसी की 30.24% हिस्सेदारी शामिल

सरकार ने बयान में कहा, ''मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इस डील के लिए मेसर्स 10955230 कनाडा इंक (मूल कंपनी मेसर्स फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड) को रणनीतिक खरीदार के रूप में मंजूरी दी है। कंपनी 52,877.08 करोड़ रुपये के खरीद मूल्य पर आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। इस बिक्री में केंद्र सरकार की 30.48 प्रतिशत और एलआईसी की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है। 

इसी वित्त वर्ष में पूरा हो जाएगा अधिग्रहण सौदा

डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने कहा कि अधिग्रहण सौदा चालू वित्त वर्ष में ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों के हितों को पूरा ध्यान रखा जाएगा। फेयरफैक्स को अल्पांश शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश भी करनी होगी। सीएसबी बैंक में भी हिस्सेदारी रखने वाली फेयरफैक्स को 2 साल के अंदर या तो सीएसबी बैंक का आईडीबीआई बैंक में मर्जर करना होगा या फिर सीएसबी बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलना होगा।

ये भी पढ़ें

डंके की चोट पर रूस से कच्चा तेल खरीद रहा भारत, अमेरिका की धमकियों का कोई असर नहीं- सितंबर में रोजाना आया 18.2 लाख बैरल तेल

Latest Business News