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GST Collection: जुलाई में 1.96 लाख करोड़ रुपये का हुआ जीएसटी कलेक्शन, रिफंड में 66.8 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी

जीएसटी कलेक्शन के अलावा, जुलाई 2025 में ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू 6.7 प्रतिशत बढ़कर 1.43 लाख करोड़ रुपये हो गया। जबकि, इस दौरान इंपोर्ट से टैक्स कलेक्शन 9.5 प्रतिशत बढ़कर 52,712 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

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Image Source : FREEPIK ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू में दर्ज की गई 6.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी

GST Collection: जुलाई 2025 में हुए जीएसटी कलेक्शन का डेटा जारी कर दिया गया है। इस साल जुलाई में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ करीब 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से घरेलू राजस्व में बढ़ोतरी की वजह से जीएसटी कलेक्शन में इजाफा हुआ है। पिछले साल जुलाई में ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन 1.82 लाख करोड़ रुपये था। बताते चलें कि जून 2025 में देश का कुल जीएसटी कलेक्शन 1.84 लाख करोड़ रुपये और मई 2025 में जीएसटी कलेक्शन 2.01 लाख करोड़ रुपये रहा था। बताते चलें कि इस साल अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 2.37 लाख करोड़ रुपये के लाइफटाइम हाई पर था।

ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू में दर्ज की गई 6.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी

जीएसटी कलेक्शन के अलावा, जुलाई 2025 में ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू 6.7 प्रतिशत बढ़कर 1.43 लाख करोड़ रुपये हो गया। जबकि, इस दौरान इंपोर्ट से टैक्स कलेक्शन 9.5 प्रतिशत बढ़कर 52,712 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस साल जून में इंपोर्ट से 45,690 करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्शन हुआ था। सरकारी डेटा से मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल जुलाई में जीएसटी रिफंड सालाना आधार पर 66.8 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी के साथ 27,147 करोड़ रुपये हो गया। जून में कुल रिफंड 25,491 करोड़ रुपये था।

जुलाई 2025 में नेट जीएसटी रेवेन्यू में भी देखने को मिली बढ़ोतरी

जुलाई, 2025 में नेट जीएसटी रेवेन्यू सालाना आधार पर 1.7 प्रतिशत बढ़कर 1.69 लाख करोड़ रुपये रहा। इस साल जून में नेट जीएसटी कलेक्शन 1.59 लाख करोड़ रुपये था। ईवाई इंडिया में टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा कि कुछ वैश्विक दबावों और अस्थायी गिरावट के बावजूद, समग्र रुझान स्थिर उपभोग प्रतिरूप और अर्थव्यवस्था के निरंतर वृद्धि को बताता है। अग्रवाल ने कहा, “सरकार की समय पर रिफंड प्रक्रिया भी कंपनियों के लिए एक बड़ी मदद है, जिससे ये सुनिश्चित होता है कि उनके पास आवश्यक कार्यशील पूंजी उपलब्ध है।”

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