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HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को दिया तोहफा, घटा दी लोन पर ब्याज दरें

नई एमसीएलआर रेट 7 मई 2025 से प्रभावी हो गई है। आरबीआई द्वारा रेपो रेट को घटाने के बाद एचडीएफसी बैंक ने एमसीएलआर को घटाने का फैसला लिया है।

एचडीएफसी बैंक- India TV Hindi
Image Source : FILE एचडीएफसी बैंक

HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को खुशखबरी दी है। बैंक ने कर्ज की दरों को घटा दिया है। देश के इस सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में कटौती की है। इससे उन कर्जदाताओं को फायदा होगा, जिनके लोन की ब्याज दरें इस बेंचमार्क से लिंक्ड हैं। बैंक ने चुनिंदा लोन अवधियों पर एमसीएलआर को 0.15 फीसदी तक घटा दिया है। इस कटौती के बाद एचडीएफसी बैंक की एमसीएलआर 9 फीसदी से 9.20 फीसदी की रेंज में आ गई है।

रेपो रेट में कटौती का असर

इससे पहले एचडीएफसी बैंक की एमसीएलआर रेट 9.10 से 9.35 फीसदी की रेंज में थी। नई एमसीएलआर रेट 7 मई 2025 से प्रभावी हो गई है। आरबीआई द्वारा रेपो रेट को घटाने के बाद एचडीएफसी बैंक ने एमसीएलआर को घटाने का फैसला लिया है। आरबीआई ने अप्रैल में रेपो रेट को 0.25 फीसदी घटाया था। आरबीआई फरवरी 2025 से अब तक रेपो रेट में 0.50 फीसदी की कटौती कर चुका है। रेपो रेट वह रेट है, जिस पर आरबीआई कमर्शियल बैंकों को लोन देता है। रेपो रेट में कटौती से बैंकिंग सेक्टर में कर्ज की लागत घट जाती है। इसके बाद बैंक भी ग्राहकों के लिए लोन पर ब्याज दरों को कम करते हैं।

कैसे काम करती है MCLR

बैंक के इस फैसले के बाद होम लोन जैसे एमसीएलआर से लिंक्ड कर्ज पर ग्राहकों की EMI घट जाएगी या लोन की अवधि छोटी हो जाएगी। होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन समेत विभिन्न फ्लोटिंग रेट लोन्स पर ब्याज दर तय करने के लिए बैंक एमसीएलआर को बेंचमार्क रेट की तरह यूज करते हैं। एमसीएलआर में कटौती से लोन की ईएमआई घट जाती है या लोन की अवधि छोटी हो जाती है। इससे कर्जधारकों को लॉन्ग टर्म में अच्छा फायदा होता है।

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