Hindenburg: भारतीय शेयर बाजार में अफरा-तफरी मचाने वाले अमेरिकी शॉर्ट-सेलर कंपनी हिंडनबर्ग ने अपना बोरिया-बिस्तर बांध लिया है। नाथन एंडरसन ने साल 2017 में हिंडनबर्ग की स्थापना की थी। महज 10 कर्मचारियों वाली इस कंपनी ने सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में अफरा-तफरी मचा चुकी है। हालांकि, जब से हिंडनबर्ग के बंद होने की खबर आई है, तभी से कंपनी को लेकर और भी ज्यादा चर्चाएं होने लगी हैं। आज हम यहां हिंडनबर्ग द्वारा पिछले 7 सालों में बनाए गए 7 शिकारों के बारे में जानेंगे।
निकोला कॉर्पोरेशन
हिंडनबर्ग ने साल 2020 में अमेरिकी कंपनी निकोला के खिलाफ चाल चली थी। हिंडनबर्ग ने इलेक्ट्रिक ट्रक बनाने वाली इस कंपनी पर आरोप लगाए थे कि इसने अपनी टेक्नोलॉजी को लेकर इंवेस्टर्स को झूठ बोला है। इस मामले में अमेरिका की एक अदालत ने कंपनी के फाउंडर ट्रेवर मिल्टन को फ्रॉड का दोषी करार दिया था।
ट्विटर
हिंडनबर्ग ने ट्विटर को भी नहीं छोड़ा था। सास 2022 में हिंडनबर्ग ने ट्विटर में पहले शॉर्ट पोजिशन लिया था। हिंडनबर्ग ने इस पर कहा था कि अगर इलॉन मस्क ट्विटर के साथ हो रही डील से पीछे हटते हैं तो 44 अरब डॉलर का ऑफर कम हो जाएगा। कंपनी ने फिर जुलाई में मस्क के खिलाफ एक चाल चली और ट्विटर में लॉन्ग पोजिशन बनाई। लेकिन, मस्क ने ट्विटर 44 अरब डॉलर में ही खरीद लिया था।
अडाणी ग्रुप
भारत में हिंडनबर्ग तब चर्चाओं में आया जब इसने अडाणी ग्रुप पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। अमेरिकी कंपनी ने अडाणी को बर्बाद करने की कई कोशिशें कीं और इसमें काफी हद तक सफल भी हुआ। दरअसल, हिंडनबर्ग ने जब अडाणी पर कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के आरोप लगाया तो ग्रुप की लगभग सभी कंपनियों के शेयरों में विनाशकारी गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि, जब हिंडनबर्ग की काली मंशा का पर्दाफाश हुआ तो अडाणी के शेयरों में तेजी से रिकवरी भी देखने को मिली।
सेबी
भारतीय शेयर बाजार में हलचल मचाने के लिए हिंडनबर्ग ने सेबी चीफ माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच पर आरोप मढ़ दिए। कंपनी ने आरोप लगाए कि बुच कपल की ऐसी विदेशी कंपनियों में हिस्सेदारी है जो अडाणी ग्रुप के लिए पैसों का हेरफेर करती है।
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