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आसमान छूती कीमतों से घरों की बिक्री घटी, मुंबई में मांग 30% गिरी, जानें दिल्ली-NCR समेत दूसरे शहरों का हाल

रियल एस्टेट मार्केट में सुस्ती दिखाई दे रही है। प्रॉपर्टी की ऊंची कीमत के चलते बिक्री में गिरावट आ गई है।

Real Estate market - India TV Hindi
Image Source : FILE रियल एस्टेट

पिछले कुछ सालें में प्रॉपर्टी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 40 लाख रुपये में मिलने वाला 2बीएचे फ्लैट की कीमत बढ़कर 1 करोड़ के पार पहुंच गई है। हालांकि, इसका खामियाजा अब दिखाई देने लगा है। प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती लौट आई है। घरों की मांग में गिरावट आ रही है। आवासीय ‘ब्रोकरेज’ कंपनी प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट के अनुसार, देश के आठ प्रमुख आवासीय बाजारों में बिक्री अप्रैल-जून में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 97,674 इकाई रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,13,768 इकाई थी। मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) और पुणे में मकानों की बिक्री अप्रैल-जून में सालाना आधार पर 30 प्रतिशत घटकर 41,901 इकाई रह गई। कीमतों में वृद्धि से मांग कम हुई है। महाराष्ट्र के दो महत्वपूर्ण संपत्ति बाजारों एमएमआर और पुणे में संयुक्त आवास बिक्री एक वर्ष पूर्व की समान अवधि में 60,191 इकाई थी। 

दिल्ली-एनसीआर में बिक्री 9% गिरी

अन्य प्रमुख प्रमुख आवासीय बाजारों में दिल्ली-राष्ट्रीय में घरों की बिक्री 9% गिरी है। पुणे में 27 प्रतिशत और हैदराबाद में 6 प्रतिशत की गिरावट आई है।
प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के बिक्री प्रमुख श्रीधर श्रीनिवासन ने कहा कि खासकर बजट व मध्यम आय वर्ग में सामर्थ्य के दबाव ने खरीदारों की धारणा को प्रभावित किया है। इसके चलते प्रॉपर्टी की मांग में कमी आई है। रियल एस्टेट एक्सपर्ट का कहना है कि प्रॉपर्टी की मांग गिरने में निवेशकों का भी रोल बड़ा है। बड़े निवेशक अब प्रॉपर्टी से दूरी बना रहे हैं। इसके चलते प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट में पिछले साल के मुकाबले इस साल 37 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है। बहुत सारे लोग चाहकर भी प्रॉपर्टी नहीं खरीद पा रहे हैं। इसकी वजह प्रॉपर्टी की कीमत उनके बजट से बाहर निकलना है। 

मांग में नरमी के चलते नई लॉन्चिंग में गिरावट

रिपोर्ट में बताया गया है कि नई आपूर्ति तिमाही-दर-तिमाही और वर्ष-दर-वर्ष दोनों ही मामलों में कम हुई है, क्योंकि जियोपॉलिटिकल फेक्टर्स ने दूसरी तिमाही में मांग को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है। इस तिमाही में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष बढ़ गया था, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला किया था। रिपोर्ट के अनुसार,  एमएमआर, पुणे और अहमदाबाद में लॉन्चिंग घट गई जबकि अन्य बाजारों में आपूर्ति बढ़ी। 

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