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माहौल बिगड़ता गया तो कच्चे तेल की समस्या से कैसे निपटेगा भारत, देश के पास कौन-कौन से विकल्प हैं मौजूद

ईरान की सरकारी मीडिया ने 28 फरवरी को कहा था कि अमेरिका और इजरायल के मिसाइल हमलों के जवाब में उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है।

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Image Source : AFP माहौल खराब होने पर रूस से आयात बढ़ा सकता है भारत

होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे कच्चे तेल के प्रमुख सप्लाई रूट के बंद होने से भारत को निकट भविष्य में कच्चे तेल की आपूर्ति में किसी बड़ी समस्या का सामना करने की आशंका नहीं है। अधिकारियों ने ये जानकारी देते हुए कहा कि देश में कच्चे तेल का मौजूदा भंडार कम से कम 10 दिन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के बाद तेजी से बदलते घटनाक्रम में इस्लामिक देश ईरान के सर्वोच्च नेता के मारे जाने की खबरें भी शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि ये संघर्ष बहुत लंबा नहीं चलेगा। हालांकि, शीर्ष अधिकारियों और विश्लेषकों का कहना है कि अगर तनाव बढ़ता है, तो भारत के पास आकस्मिक योजनाएं तैयार हैं।

माहौल खराब होने पर रूस से आयात बढ़ा सकता है भारत

ईरान के सरकारी मीडिया ने 28 फरवरी को कहा था कि अमेरिका और इजरायल के मिसाइल हमलों के जवाब में उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। ये दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा निकासी बिंदुओं में से एक है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 5वां हिस्सा गुजरता है। अधिकारियों ने कहा कि कम अवधि के लिए इसके बंद होने से भारत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उसके पास ईंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त आपूर्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो देश रूसी तेल की खरीद बढ़ाकर अपने आयात स्रोतों में बदलाव कर सकता है। हालांकि, इसका तत्काल प्रभाव तेल की कीमतों पर दिखेगा। 

वेनेजुएला, ब्राजील और अफ्रीका से भी कच्चे तेल की खरीद का विकल्प

ब्रेंट क्रूड इस हफ्ते 7 महीने के उच्चस्तर लगभग 73 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। अगर तेल की आपूर्ति बाधित होती है तो कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ सकती हैं। एक अधिकारी ने कहा, ''भारतीय रिफाइनरी कंपनियों के पास टैंक और पारगमन में मिलाकर 10 से 15 दिन का कच्चा तेल भंडार है। इसके अलावा, उनके ईंधन टैंक भरे हुए हैं, जो देश की 7 से 10 दिन की ईंधन जरूरत को आसानी से पूरा कर सकते हैं।'' एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भारत वेनेजुएला, ब्राजील और अफ्रीका जैसे दूरदराज के देशों से भी तेल खरीद सकता है।

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