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चीन और अमेरिका को पछाड़ेंगे हम, IMF ने थपथपाई भारत की पीठ, जानिए दुनिया के देशों से कितना आगे है इंडिया

आईएमएफ ने सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक इकोनोमी की वृद्धि दर अनुमान को भी 6.1 फीसद से घटा कर 3.6 फीसद कर दिया है।

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Image Source : FILE India China

Highlights

  • आईएमएफ ने दिया 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 8.2 प्रतिशत की दर से ग्रोथ का अनुमान
  • इस वर्ष चीन की इकोनोमी की वृद्धि दर 4.4 फीसद रहने का अनुमान
  • वैश्विक इकोनोमी की वृद्धि दर अनुमान को भी 6.1 फीसद से घटा कर 3.6 फीसद कर दिया

नई दिल्ली। कोरोना की आपदा से उबर रही भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 2022 के लिए अनुमान जारी किए हैं। आईएमएफ के मुताबिक चीन के मुकाबले इस साल भारत दोगुनी रफ्तार से तरक्की करेगा। आईएमएफ ने 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 8.2 प्रतिशत की दर से ग्रोथ का अनुमान व्यक्त किया है। हालांकि यह ग्रोथ रेट पिछली बार 9 प्रतिशत के अनुमार से कम है। इससे पहले विश्व बैंक ने भी भारत के विकास दर अनुमान को घटा दिया था। 

आइएमएफ ने इस वर्ष चीन की इकोनोमी की वृद्धि दर 4.4 फीसद रहने की बात कही है। आईएमएफ ने सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक इकोनोमी की वृद्धि दर अनुमान को भी 6.1 फीसद से घटा कर 3.6 फीसद कर दिया है।

दुनिया की तरक्की का रोड़ा बना यूक्रेन रूस युद्ध

आइएमएफ की रिपोर्ट कहती है कि वर्ष 2023 में भारत की विकास दर घट कर 6.9 फीसद पर आ जाएगी। जबकि वर्ष 2021 में देश की विकास दर 8.9 फीसद रही थी। अनुमान घटाने का साफ मतलब है कि यूक्रेन-रूस युद्ध का दुनिया भर में बहुत ही उल्टा असर होने वाला है।आइएमएफ ने  यूक्रेन-रूस के अलावा खाद्य उत्पादों की कीमतों में भारी वृद्धि को भी एक बड़ी वजह बताया है। 

जानिए दुनिया के अन्य देशों के ग्रोथ अनुुमान 
  1. अमेरिका: 3.7%
  2. जर्मनी: 2.1%
  3. फ्रांस: 2.9%
  4. इटली : 2.3%
  5. स्पेन : 4.8%
  6. जापान : 3.3% 
  7. यूके: 3.7%
  8. कनाडा: 3.9%
  9. चीन: 4.4%
  10. भारत : 8.2%
  11. रूस : -8.5%
  12. ब्राजील : 0.8%
  13. मैक्सिको : 2.0%
  14. साउदी अरब : 7.6%
  15. नाइजीरिया : 3.4%
  16. दक्षिण अफ्रीका : 1.9%

कच्चे तेल से भारत को झटका 

आइएमएफ ने जापान और भारत के लिए ही ज्यादा गिरावट की बात कही है। इन दोनो देशों की इकोनोमी में पेट्रो उत्पादों का बड़ा हिस्सा है और इसके लिए ये अधिकांश तौर पर आयात पर निर्भर है। अब जबकि क्रूड की कीमतें काफी बढ़ गई हैं तो इनकी विकास दर प्रभावित होने की संभावना बन गई है। कई घरेलू एजेंसियों ने भी भारत की विकास दर के अनुमान को कम किया है।

चीन की थम रही है रफ्तार 

चीन की बात करें तो आइएमएफ के अनुमान में भारत आर्थिक मोर्चे पर चीन के मुकाबले इतनी तेजी से कभी आगे नहीं बढ़ा है। आइएमएफ का मानना है कि वर्ष 2021 में 8.1 फीसद की विकास दर हासिल करने वाला चीन वर्ष 2022 में सिर्फ 4.4 फीसद की वृद्धि दर ही हासिल कर सकेगा। वर्ष 2023 में यह घट कर 5.1 फीसद रह जाएगा। 

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