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गेहूं के MSP में बढ़ोतरी, इस राज्य में किसानों को मिलेगा फायदा- जानें कब शुरू होगी खरीदारी

राज्य में 8 क्रय एजेंसियों द्वारा खरीद होगी और 6,500 क्रय केंद्र सभी 75 जिलों में संचालित किए जाएंगे। इसके भीतर एफसीआई, खाद्य एवं विपणन विभाग, उप्र मंडी परिषद, उप्र पीसीएफ, पीसीओयू, उप्र एसएस, नैफेड, एनसीसीएफ के माध्‍यम से खरीद होगी।

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Image Source : PTI छंटाई, सफाई के लिए अलग से मिलेंगे 20 रुपये

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने सोमवार को एक बड़ा फैसला करते हुए गेहूं के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) में इस साल 160 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा छंटाई, सफाई और उतराई के मद में किसानों को खरीद एजेंसियों के माध्यम से 20 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुई मंत्रिमंडल की बैठक में खाद्य एवं लॉजिस्टिक्स विभाग से जुड़े अहम फैसले के तहत इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा है।

कब शुरू होगी गेहूं की खरीद 

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि रामनवमी के बाद 30 मार्च, 2026 से 15 जून, 2026 तक इसकी खरीदारी की जाएगी। राज्य में 8 क्रय एजेंसियों द्वारा खरीद होगी और 6,500 क्रय केंद्र सभी 75 जिलों में संचालित किए जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि इसके भीतर एफसीआई, खाद्य एवं विपणन विभाग, उप्र मंडी परिषद, उप्र पीसीएफ, पीसीओयू, उप्र एसएस, नैफेड, एनसीसीएफ (भारतीय राष्‍ट्रीय उपभोक्‍ता सहकारी संघ मर्यादित) के माध्‍यम से खरीद होगी। शाही ने कहा कि कृषि उत्‍पादक संगठनों और कृषि उत्‍पादक कंपनियों को भी खरीद की अनुमति रहेगी। हालांकि, इनके लिए शर्त ये है कि इनके बैंक खाते में 20 लाख रुपये होने चाहिए और एक साल पहले का पंजीकरण होना चाहिए। 

छंटाई, सफाई के लिए अलग से मिलेंगे 20 रुपये

कृषि मंत्री ने कहा कि इसके अलावा छंटाई, सफाई और उतराई के मद में किसानों को खरीद एजेंसियों के माध्यम से 20 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाएगा, जिसका वहन मंडी परिषद करेगी। शाही ने बताया कि इस पर लगभग 60 करोड़ रुपये का और व्यय होगा, जिसे मंडी परिषद वहन करेगी। किसानों के पंजीकरण, प्रचार-प्रसार और सभी इंतजामों के निर्देश दिये गये हैं। उन्‍होंने कहा कि इस साल अच्छी फसल हुई है और कृषि विभाग ने अच्छे बीज उपलब्‍ध कराये थे। सरकार का प्रयास है कि किसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं उठाना पड़े। एक सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा कि 30 लाख टन खरीद का प्रस्ताव विभाग ने लाया था, लेकिन मुख्यमंत्री जी ने 50 लाख टन खरीद का लक्ष्‍य दिया है। 

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