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भारत और कनाडा ने कृषि खाद्य क्षेत्र में तरक्की के लिए मिलाए हाथ, जानें क्या होंगे फायदे

ये साझेदारी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा दाल प्रोटीन में एक साझा समर्थित उत्कृष्टता केंद्र की घोषणा के बाद हुई है, जिसे निफ्टेम-के और यू-सास्क नेतृत्व करेंगे।

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Image Source : PIB INDIA भारत-कनाडा के बीच हुए इस समझौते से क्या होंगे फायदे

भारत और कनाडा ने कृषि खाद्य क्षेत्र (Agri-Food Sector) में आपसी सहयोग को पहले से भी ज्यादा मजबूत किया है। इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान-कुंडली (NIFTEM-K) और यूनिवर्सिटी ऑफ सस्केचेवान (USask) के बीच 5 साल के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। एक सरकारी बयान के मुताबिक, इस समझौते पर NIFTEM-K के निदेशक हरिंदर सिंह ओबेरॉय और USask के उपाध्यक्ष (शोध) बलजीत सिंह ने सस्केचेवान के प्रीमियर स्कॉट मोए और भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए। 

भारत-कनाडा के बीच हुए इस समझौते से क्या होंगे फायदे

ये साझेदारी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा दाल प्रोटीन में एक साझा समर्थित उत्कृष्टता केंद्र की घोषणा के बाद हुई है, जिसे निफ्टेम-के और यू-सास्क नेतृत्व करेंगे। सहमति पत्र में साझा शोध परियोजनाओं, ऑनलाइन शिक्षण और प्रशिक्षण कार्यक्रम, शिक्षक और छात्रों के आदान-प्रदान, खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी में एकीकृत डिग्री प्रोग्राम और उद्योग-उन्मुख अल्पावधिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसमें नवाचार, टिकाऊ खाद्य प्रणाली, खाद्य सुरक्षा और मूल्य श्रृंखला विकास को आगे बढ़ाने के मकसद से मिलकर वित्तपोषण प्रस्ताव, सेमिनार और वर्कशॉप की भी बात है। 

शोध से चलने वाले औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

अधिकारियों ने कहा कि इस सहयोग से शोध से चलने वाले औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने और कृषि खाद्य क्षेत्र में भारत-कनाडा सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही खाद्य प्रौद्योगिकी और उद्यमशीलता में NIFTEM-K का वैश्विक जुड़ाव बढ़ेगा। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान-कुंडली और यूनिवर्सिटी ऑफ सस्केचेवान के बीच इस सहमति का उद्देश्य खाद्य विज्ञान और प्रोद्योगिकी के साथ-साथ फूड सिस्टम इकोनॉमिक्स और बिजनेस डेवलपमेंट पर आधारित इनोवेटिव ऑनलाइन टीचिंग और ट्रेनिंग प्रोग्राम डेवलप करना है। 

इसके अलावा, ये समझौता फैकल्टी, रिसर्चर और स्टूडेंट्स के लिए शॉर्ट-टर्म एक्सचेंज इनिशिएटिव को आसान बनाएगा, जिससे इंटरनेशनल कोलेबोरेशन को बढ़ावा मिलेगा और फूड प्रोसेसिंग में बेस्ट प्रैक्टिस को शेयर किया जा सकेगा।

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