1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. India-New Zealand FTA 20 अक्टूबर से होगा लागू, भारत के सभी सामानों को मिलेगी 100% टैरिफ छूट

India-New Zealand FTA 20 अक्टूबर से होगा लागू, भारत के सभी सामानों को मिलेगी 100% टैरिफ छूट

पीयूष गोयल ने कहा कि ये समझौता अगले 15 साल में न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के महत्वपूर्ण निवेश की राह भी खोलेगा।

India-New Zealand FTA, India-New Zealand trade, fta, free trade agreement- India TV Hindi
Image Source : HTTPS://X.COM/PIYUSHGOYAL पीयूष गोयल और टॉड मैक्ले

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 20 अक्टूबर से लागू होगा। इस समझौते के लागू होने के साथ चमड़ा, जूते-चप्पल, परिधान और कपड़ा जैसे श्रम-गहन क्षेत्रों समेत भारत के लगभग 100 प्रतिशत उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में 100 प्रतिशत टैरिफ छूट यानी जीरो टैरिफ पर पहुंच मिलेगी। मंत्री ने बताया कि 27 अप्रैल को हस्ताक्षरित ये समझौता मंगलवार से ही न्यूजीलैंड को होने वाले भारत के सभी निर्यात के लिए ट्रेड-फ्री पहुंच देता है। 

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 15 सालों के लिए हुआ है समझौता

पीयूष गोयल ने कहा कि ये समझौता अगले 15 साल में न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के महत्वपूर्ण निवेश की राह भी खोलेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारतीय निर्यातकों के लिए व्यापक मौके पैदा होंगे। व्यापार समझौते के तहत न्यूजीलैंड को निर्यात किए जाने वाले जेसीबी इंडिया के छोटे एक्सकेवेटर को हरी झंडी दिखाते हुए गोयल ने कहा कि कंपनी भारत से अपने कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत अलग-अलग देशों को निर्यात करती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''मैं उन्हें इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य दे रहा हूं। न्यूजीलैंड अब उनके लिए 140वां निर्यात गंतव्य बन गया है।'' 

न्यूजीलैंड के उत्पादों के लिए 1.4 अरब की आबादी वाले भारत में मिलेगी पहुंच

ये एफटीए कृषि उत्पादकता साझेदारी को भी बढ़ावा देता है, जिसके तहत न्यूजीलैंड की टेक्नोलॉजी भारत के व्यापक स्तर और बढ़ती मांग को पूरा करेगी। गोयल ने कहा कि डेयरी, प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, कृत्रिम शहद और चीनी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस व्यापार समझौते के दायरे से बाहर रखा गया है। भारत में 20 अक्टूबर को रात 12:01 बजे से प्रभावी होने वाला ये समझौता न्यूजीलैंड के सामान के लिए 1.4 अरब की आबादी वाले भारतीय बाजार के द्वार भी खोलेगा। 

भारत के किन सेक्टरों को होगा सबसे ज्यादा फायदा

इसके अलावा, ये समझौता सर्विस, प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स और कृषि सहयोग के अवसरों का विस्तार करेगा और अगले 15 सालों में न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आसान बनाएगा। एफटीए से भारत के फल और सब्जियां, कॉफी, चाय, कोको और मसाले, अनाज, प्रोसेस्ड फूड, कपड़े, चमड़ा, जूते, दवा, इंजीनियरिंग के सामान, समुद्री उत्पाद, प्लास्टिक और रबड़ से जुड़े सेक्टरों को लाभ होगा। 

डेयरी और कृषि उत्पाद समझौते से बाहर

भारत ने डेयरी उत्पादों, प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, चीनी, कृत्रिम शहद, वसा और तेल को इस समझौते से बाहर रखा है। न्यूजीलैंड भारतीय सेवा प्रदाताओं के लिए 118 सेवा क्षेत्रों या उप-क्षेत्रों को खोलने पर सहमत हो गया है, जिससे एफटीए के तहत उसके बाजार में उनकी बेहतर पहुंच बनेगी। इनमें आईटी, प्रोफेशनल सर्विस, टेलीकॉम, कंस्ट्रक्शन, एजुकेशन, फाइनेंशियल सर्विस और टूरिज्म शामिल हैं। 

न्यूजीलैंड के किन उत्पादों को मिलेगा फायदा

भारतीय कंपनियों और प्रोफेशनल्स के लिए अब न्यूजीलैंड में सर्विस देना आसान हो सकता है। न्यूजीलैंड जहां अपनी 100 प्रतिशत टैरिफ लाइन पर छूट दे रहा है, वहीं भारत के लिए ये आंकड़ा 70 प्रतिशत है। भारत सेब, कीवी, मानुका शहद और एल्ब्यूमिन के लिए न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) प्रावधानों और अन्य सुरक्षा उपायों के साथ टैरिफ-आधारित कोटा दे रहा है। 

जीरो टैरिफ या भारी टैरिफ छूट से लाभान्वित होगा न्यूजीलैंड के वर्तमान निर्यात का 95 प्रतिशत हिस्सा

न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि ये समझौता प्रमुख सेक्टरों के एक्सपोर्टरों के लिए मौके बनाएगा। उन्होंने कहा, ''समझौता पूरी तरह से लागू होने के बाद भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के वर्तमान निर्यात का 95 प्रतिशत हिस्सा जीरो टैरिफ या भारी टैरिफ छूट से लाभान्वित होगा।''

ये भी पढ़ें

1.50 लाख रुपये के पार पहुंची सोने की कीमतें, जानें आज कहां पहुंचा चांदी का भाव

Latest Business News