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मिडिल ईस्ट की टेंशन में क्रूड ऑयल और गैस के लिए क्या है भारत का PLAN-B, जरूरतें कैसे होंगी पूरी?

भारत का सिर्फ़ 40 परसेंट क्रूड होर्मुज स्ट्रेट से होकर जाता है, और बाकी 60 परसेंट क्रूड दूसरे सोर्स से आता है। भारत पिछले कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से रूस से क्रूड इंपोर्ट करना जारी रखे हुए है। LPG और LNG सप्लाई के मामले में भारत अच्छी स्थिति में है।

सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।- India TV Hindi
Image Source : PIXABAY CREATED BY CANVA सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा और सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तेल, गैस और फर्टिलाइजर के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर भारत के सामने भी संभावित आपूर्ति बाधित होने का खतरा पैदा होने की आशंका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो भारत अपनी ऊर्जा और उर्वरक जरूरतों को कैसे पूरा करेगा। सरकार ने इस जोखिम को देखते हुए वैकल्पिक सप्लाई, रणनीतिक भंडार और नए व्यापारिक समझौतों जैसे कई कदमों पर काम तेज कर दिया है, ताकि देश की जरूरतें प्रभावित न हों।

गैस और क्रूड को लेकर भारत दूसरे सप्लायर्स के भी संपर्क में

कतर अभी भारत के लिए एक जरूरी पार्टनर बना हुआ है, जो देश को 60 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन (mmscmd) सप्लाई करता है। ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भारत को गैस बेचने का ऑफ़र दिया है, क्योंकि देश बढ़ते वेस्ट एशिया विवाद के बीच दूसरे अल्टरनेटिव एनर्जी सोर्स ढूंढ रहा है। सरकार गैस खरीदने के लिए अल्टरनेटिव मार्केट ढूंढ रही है, क्योंकि भारत अभी 195 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन (mmscmd) गैस इंपोर्ट करता है, जिसमें से कतर 60 मिलियन mmscmd सप्लाई करता है।

सूत्रों के मुताबिक, भारत दिन में दो बार एनर्जी की स्थिति का रिव्यू कर रहा है और अपनी एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर बहुत अच्छी स्थिति में है। भारत के स्टॉक की मौजूदा स्थिति भी अच्छी दिख रही है, और स्टॉक हर दिन भरा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दुनिया में LPG या LNG के साथ-साथ कच्चे तेल की भी कोई कमी नहीं है। सूत्रों ने बताया कि भारत दूसरे सप्लायर्स के भी संपर्क में है।

बड़े तेल प्रोड्यूसर और ट्रेडर से हो रही बातचीत

भारत क्रूड और LPG खरीदने के लिए बड़े तेल प्रोड्यूसर और ट्रेडर से बातचीत कर रहा है। सूत्रों ने कहा कि सरकार इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) और ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्री (OPEC) से बातचीत कर रही है। भारत जहाजों के लिए इंश्योरेंस लेने के लिए US से भी बातचीत कर रहा है। देश ने हाल ही में अपने एनर्जी बास्केट में डायवर्सिफाई करने के लिए UAE और US के साथ एक नया कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है।

भारत के पास आठ हफ्ते का पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स स्टॉक

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत के पास कुल आठ हफ्ते का क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का स्टॉक है, जिसमें स्ट्रेटेजिक रिजर्व भी शामिल हैं, और भारत का सिर्फ लगभग 40 परसेंट क्रूड ऑयल इंपोर्ट होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है, जिससे इलाके में होने वाली दिक्कतों का खतरा काफी कम हो जाता है। वेस्ट एशियन इलाके में बदलते हालात के बीच देश एनर्जी सिक्योरिटी के मामले में अच्छी स्थिति में है। भारत के पास अभी करीब 25 दिनों का क्रूड ऑयल स्टॉक है। इसके अलावा, देश के पास करीब 25 दिनों का पेट्रोल और डीज़ल स्टॉक भी है।

पेट्रोल-डीजल की राशनिंग की नहीं है कोई जरूरत

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत में पेट्रोल और डीजल की राशनिंग करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। देश में इन ईंधनों का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जो मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण पैदा हो रही ऊर्जा चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार और संबंधित कंपनियां पहले से ही तैयारियां कर रही हैं। इसी क्रम में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) जरूरत पड़ने पर फोर्स मेजर घोषित कर सकती है, ताकि गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों- जैसे बिजली उत्पादन और उर्वरक क्षेत्र की ओर मोड़ा जा सके।

सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश में ऊर्जा की उपलब्धता प्रभावित न हो।

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