A
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. भारत के रणनीतिक तेल भंडार से सिर्फ 9.5 दिन की जरूरतें ही होंगी पूरी, RTI में हुआ खुलासा

भारत के रणनीतिक तेल भंडार से सिर्फ 9.5 दिन की जरूरतें ही होंगी पूरी, RTI में हुआ खुलासा

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक RTI के जवाब में कहा कि आयात में रुकावट आने की स्थिति में भारत के रणनीतिक भंडार लगभग 9.5 दिनों की कच्चे तेल की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।

Oil Reserves, Oil Reserves of india, Strategic Oil Reserves of india, petroleum reserves, crude oil,- India TV Hindi
Image Source : AFP ऑयल रिजर्व (सांकेतिक तस्वीर)

भारत के रणनीतिक कच्चे तेल के भंडार अपनी पूरी क्षमता पर भी लगभग 9.5 दिनों की मांग को ही पूरा कर सकते हैं। लेकिन, मौजूदा स्टॉक स्तरों से पता चलता है कि वास्तविक बफर काफी कम है। सरकारी आंकड़ों और इंडिया टुडे द्वारा फाइल की गई एक RTI के जवाब में ये जानकारी मिली है। 23 मार्च, 2026 को राज्यसभा में पेश किए गए डेटा से पता चलता है कि भारत के पास वर्तमान में लगभग 3.372 मिलियन मीट्रिक टन कच्चा तेल है, जो इसकी कुल भंडारण क्षमता 5.33 मिलियन मीट्रिक टन का लगभग 64% है।

किसी भी देश के लिए काफी अहम होता है रणनीतिक तेल भंडार

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक RTI के जवाब में कहा कि आयात में रुकावट आने की स्थिति में भारत के रणनीतिक भंडार लगभग 9.5 दिनों की कच्चे तेल की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। हालांकि, ये अनुमान भंडारण क्षमता के पूर्ण उपयोग पर आधारित है। बताते चलें कि रणनीतिक तेल भंडार सरकार द्वारा रखे गए कच्चे तेल के आपातकालीन भंडार होते हैं, जिन्हें देशों को सप्लाई में रुकावट आने या कीमतों में अचानक तेज उछाल से बचाने के लिए बनाया जाता है। इनका इस्तेमाल संघर्षों या सप्लाई में रुकावट जैसे संकटों के दौरान महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए ईंधन की सप्लाई को बनाए रखने के लिए किया जाता है।

भारत में किन जगहों पर है स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स

RTI के जवाब में कहा गया कि रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) कार्यक्रम को 7 जनवरी, 2004 को मंजूरी दी गई थी और इसे लागू करने के लिए 16 जून, 2004 को इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) की स्थापना की गई थी। मौजूदा समय में, भारत की SPR क्षमता 3 जगहों पर स्थित है। विशाखापत्तनम में 1.33 मिलियन मीट्रिक टन, मंगलुरु में 1.5 मिलियन मीट्रिक टन और पादुर में 2.5 मिलियन मीट्रिक टन की क्षमता वाले स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स हैं। 

2 अन्य सुविधाएं अभी तक नहीं हुई चालू

RTI के जवाब में इसकी भी पुष्टि हुई है कि सरकार ने जुलाई 2021 में SPR नेटवर्क के विस्तार को मंजूरी दी थी और दो अतिरिक्त सुविधाओं की योजना बनाई गई है। इनमें ओडिशा के चांदीखोल में 4 मिलियन मीट्रिक टन की क्षमता वाली सुविधा और कर्नाटक के पादुर में अतिरिक्त 2.5 मिलियन मीट्रिक टन की सुविधा; इस तरह से कुल नियोजित विस्तार 6.5 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच जाता है। इन सुविधाओं का प्रस्ताव सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत किया गया है, लेकिन ये अभी तक चालू नहीं हुए हैं।

Latest Business News