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FTA में कृषि, डेयरी, एमएसएमई के हितों के साथ समझौता नहीं करेगा भारत, न्यूजीलैंड के साथ जारी बातचीत के बीच सरकार का बड़ा बयान

न्यूजीलैंड विश्व का प्रमुख डेयरी उत्पादक देश है और ऐसे में इस क्षेत्र में बाजार पहुंच बढ़ाने की उसकी मांग को लेकर भारत की स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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Image Source : PTI व्यापार समझौते की दिशा में चल रही है ठोस चर्चा

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत सभी मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) में अपने डेयरी, कृषि और एमएसएमई जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा करता रहा है और इस पर कोई भी समझौता नहीं करेगा। गोयल ने ये भी कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस समय दोनों देशों के सीनियर अधिकारी चौथे दौर की बातचीत कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘भारत डेयरी, किसानों और एमएसएमई के हितों से कभी भी समझौता नहीं करता है। हम हमेशा इन संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की सुरक्षा करते हैं।’’ 

विश्व का प्रमुख डेयरी उत्पादक देश है न्यूजीलैंड 

न्यूजीलैंड विश्व का प्रमुख डेयरी उत्पादक देश है और ऐसे में इस क्षेत्र में बाजार पहुंच बढ़ाने की उसकी मांग को लेकर भारत की स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। न्यूजीलैंड की चार दिन की आधिकारिक यात्रा पर वेलिंगटन पहुंचे गोयल ने कहा कि दोनों देशों ने व्यापार समझौते में एक-दूसरे की संवेदनशीलता का सम्मान करने पर सहमति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने अब तक किसी भी व्यापार समझौते में डेयरी या कृषि क्षेत्र में साझेदार देश को शुल्क रियायत नहीं दी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसे मुद्दों को नहीं छूते हैं। हम एक-दूसरे की संवेदनशीलता का सम्मान करते हैं।’’ 

व्यापार समझौते की दिशा में चल रही है ठोस चर्चा 

न्यूजीलैंड के साथ वार्ता के अगले चरणों को लेकर पूछे गए सवाल पर वाणिज्य मंत्री ने कहा, ‘‘हो सकता है कि हमें बहुत ज्यादा चरणों की जरूरत न पड़े। इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति पहले ही हो चुकी है। व्यापार समझौते की दिशा में ठोस चर्चा चल रही है।” हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि भारत कृषि प्रौद्योगिकी, खासकर डेयरी मशीनरी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसर देख सकता है। गोयल ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और व्यापार मंत्री टॉड मैकक्ले से मुलाकात में भी व्यापार समझौते से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की। 

भारतीय बाजार में न्यूजीलैंड की कंपनियों को मिलेंगे बड़े अवसर

लक्सन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दोनों देश ऐसा व्यापार समझौता कर रहे हैं जो न्यूजीलैंड की कंपनियों को भारतीय बाजार में बड़े अवसर देगा। गोयल ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, “हम दोनों देशों के पारस्परिक हितों की रक्षा करने वाला एक अच्छा समझौता करेंगे। ये सौदा जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सभी संवेदनशील मुद्दों पर विचार के बाद होगा।” उन्होंने कहा कि रक्षा, कृषि, अंतरिक्ष, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भारत-न्यूजीलैंड के बीच सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। 

पीटीआई इनपुट्स के साथ

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