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भारतीय कंपनियों को नहीं मिल रहे AI समेत इन स्किल्स के लोग, HR प्रोफेशनल्स के सामने है बड़ी चुनौती

कंपनियां साल 2025 में ‘सेलेक्टिव रिक्रूटमेंट’ का तरीका अपना रही हैं। चयनात्मक भर्ती संगठन की जरूरतों के लिहाज से उपयुक्त गुणों वाले सही लोगों की नियुक्ति और चयन की प्रक्रिया है।

जॉब्स- India TV Hindi
Image Source : FILE जॉब्स

जनरेटिव एआई भारतीय कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक अनिवार्यता हो गई है और अधिकांश कारोबारी दिग्गज एआई को प्राथमिकता दे रहे हैं। एक रिपोर्ट से यह सामने आया है। हालांकि, प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन की रिपोर्ट कहती है कि टेक्नोलॉजी की पूरी कैपेसिटी के इस्तेमाल के लिए सटीक एआई और संबंधित स्किल वाले प्रोफेशनल्स को ढूंढना इन कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लगभग 54 प्रतिशत एचआर प्रोफेशनल्स ने नौकरी के लिए आने वाले आवेदनों में से केवल आधे या उससे भी कम आवेदकों के पास सभी जरूरी एवं पसंदीदा योग्यताएं होने की बात कही है।

इन स्किल्स वाले लोगों की है कमी

एचआर प्रोफेशनल्स के लिए सही तकनीकी कौशल (61 प्रतिशत) और लोगों से जुड़ने का कौशल यानी सॉफ्ट स्किल (57 प्रतिशत) वाले उम्मीदवारों को ढूंढना सबसे बड़ी चुनौती है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘भारत में सबसे मुश्किल से मिलने वाले स्किल में तकनीकी/ आईटी स्किल जैसे सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग (44 प्रतिशत), एआई स्किल (34 प्रतिशत) और संचार एवं समस्या-समाधान (33 प्रतिशत) जैसी स्किल शामिल हैं।’’ रोजगार के लिए योग्य उम्मीदवारों की यह कमी कंपनियों को अपनी भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी से चयनात्मक होने को मजबूर कर रही है।

सेलेक्टिव रिक्रूटमेंट कर रहीं कंपनियां

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां साल 2025 में ‘सेलेक्टिव रिक्रूटमेंट’ का तरीका अपना रही हैं। चयनात्मक भर्ती संगठन की जरूरतों के लिहाज से उपयुक्त गुणों वाले सही लोगों की नियुक्ति और चयन की प्रक्रिया है। रिपोर्ट कहती है कि भारत में आधे से अधिक एचआर प्रोफेशनल्स केवल उन उम्मीदवारों तक पहुंचने (55 प्रतिशत) और भर्ती (54 प्रतिशत) पर विचार करेंगे जो नौकरी के लिए निर्धारित योग्यता के 80 प्रतिशत या उससे अधिक मानदंडों को पूरा करते हैं। लिंक्डइन में प्रतिभा एवं लर्निंग सॉल्यूशंस की भारत प्रमुख रुचि आनंद ने भर्ती के लिए स्किल को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा, ‘‘एआई टेलेंट को नियुक्त करने और विकसित करने के हमारे तरीके को बदल रहा है, लेकिन असली चुनौती एआई को कारोबार के लिए काम करने लायक बनाने की है। अक्सर कंपनियां सही प्रतिभा के बगैर एआई टूल में संसाधन लगा देती हैं, जिससे वे पासा पलटने वाले अवसर का फायदा नहीं उठा पाती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस चक्र से निकलने के लिए कंपनियों को स्किल को प्राथमिकता देने की मानसिकता के साथ काम पर रखने की जरूरत है। एआई से नवाचार किया जा सकेगा, लेकिन रचनात्मकता, संचार और सहयोग जैसे मानवीय कौशल ही कंपनियों को वास्तव में बदलाव से आगे रहने में मदद करेंगे।’

(पीटीआई/भाषा)

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