1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. बिहार में निवेश प्रस्तावों को 30 दिनों के अंदर देनी होगी मंजूरी, सरकार का बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने पर जोर

बिहार में निवेश प्रस्तावों को 30 दिनों के अंदर देनी होगी मंजूरी, सरकार का बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने पर जोर

मु्ख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने की प्रक्रिया को पहले की तुलना में ज्यादा आसान और सुविधाजनक बनाया गया है।

bihar, Investment proposals, Samrat Choudhary, jobs, Bihar Industrial Investment Promotion Act 2016- India TV Hindi
Image Source : PIXABAY बिहार में निवेश प्रस्तावों को 30 दिनों के अंदर मिलेगी मंजूरी

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि औद्योगिक और निवेश से जुड़ी सभी मंजूरियां अब 30 दिनों के अंदर देना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर संबंधित विभाग या प्राधिकरण तय समय-सीमा के अंदर कोई फैसला नहीं लेते हैं, तो आवेदन को स्वतः स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि इस पहल का उद्देश्य बिहार में औद्योगिक विकास को तेज करना, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना और राज्य की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाना है। 

बिहार में पहले से आसान हुई उद्योग लगाने की प्रक्रिया

मु्ख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने की प्रक्रिया को पहले की तुलना में ज्यादा आसान और सुविधाजनक बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि सरकार उद्योगों की स्थापना से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उद्योग लगाने से जुड़ी प्रशासनिक जटिलताओं और अनावश्यक देरी को खत्म कर निवेशकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है। 

राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड सचिवालय को मिला एकल नोडल एजेंसी का दर्जा

बयान में कहा गया है कि बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 के तहत राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) सचिवालय को 'एकल नोडल एजेंसी' का दर्जा दिया गया है। इसके साथ ही उसे व्यापक प्रशासनिक और कानूनी अधिकार भी दिए गए हैं। नए सिस्टम के तहत, किसी निवेश प्रस्ताव की तकनीकी जांच और अनुशंसा पूरी होने के बाद सक्षम प्राधिकारी को 30 दिनों के अंदर या निर्धारित समय-सीमा में मंजूरी देनी होगी। ये प्रावधान सिर्फ प्रशासनिक निर्देश नहीं, बल्कि कानूनी रूप से बाध्यकारी होगा। 

बिहार को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में मिलेगी मजबूती

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई विभाग या संबंधित प्राधिकारी तय समय-सीमा के अंदर फैसला नहीं ले पाते हैं, तो निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड सचिवालय 'डीम्ड क्लीयरेंस' (मंजूरी) जारी करेगा। ऐसी स्वीकृति सभी संबंधित विभागों पर बाध्यकारी होगी और उसके पुनर्विचार की कोई व्यवस्था नहीं होगी। सम्राट ने भरोसा जताया कि ये पहल बिहार को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में उसकी प्रगति को और मजबूती प्रदान करेगी। 

Latest Business News