मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का असर पूरी दुनिया में दिख रहा है। इसी बीच, ईरान पर हमले की शुरुआत करने वाले अमेरिका में पेट्रोल की कीमत 2022 के बाद पहली बार औसतन 4 डॉलर प्रति गैलन से ज्यादा हो गई है। ऑटो कंपनियों के संघ 'AAA' के अनुसार, नियमित पेट्रोल की राष्ट्रीय औसत कीमत अब 4.02 डॉलर प्रति गैलन हो गई है, जो युद्ध शुरू होने से पहले की लगभग 3 डॉलर की तुलना में एक डॉलर से भी ज्यादा है। इससे पहले रूस द्वारा यूक्रेन पर किए जा रहे हमलों के दौरान करीब 4 साल पहले अमेरिका में पेट्रोल इतना महंगा हुआ था।
1 गैलन में होता है 3.785 लीटर
ये कीमत राष्ट्रीय औसत है जिसका मतलब है कि कुछ राज्यों में लोग काफी समय से 4 डॉलर प्रति गैलन से ज्यादा का भुगतान कर रहे हैं। राज्यों के बीच कीमतें टैक्स दरों में अंतर के कारण अलग-अलग होती हैं। बताते चलें कि 1 गैलन में 3.785 लीटर होता है। इसे भारतीय मुद्रा और माप के हिसाब से देखें तो अमेरिका में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 99.94 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो युद्ध से पहले लगभग 75 रुपये प्रति लीटर था।
ईरान पर 28 फरवरी को शुरू हुआ था हमला
अमेरिका और इजराइल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने इजरायल पर जवाबी हमले किए और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इतना ही नहीं, ईरान ने अपने नियंत्रण में आने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर दिया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से दुनियाभर में तेल की सप्लाई बुरी तरह से बाधित हो गई। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आनी शुरू हो गई।
डीजल की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी
इसके साथ ही, पश्चिम एशिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने उत्पादन में कटौती भी की है जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा है। एएए के अनुसार, डीजल अब औसतन 5.45 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन (135.50 रुपये प्रति लीटर) पर बिक रहा है, जो युद्ध शुरू होने से पहले लगभग 3.76 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन (93.50 रुपये प्रति लीटर) था। डीजल का इस्तेमाल कई मालढुलाई और डिलिवरी ट्रक में ईंधन के रूप में किया जाता है।
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