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Agricultural budget : किसानों पर मेहरबान हुई मोदी सरकार, बजट में आईं 6 नई योजनाएं, जानिए किसमें क्या है फायदा

Agricultural budget : ग्रामीण बेरोजगारी को दूर करने के लिए सरकार एक व्यापक ‘ग्रामीण समृद्धि और मजबूती’ कार्यक्रम लागू करेगी। वहीं, बिहार के मखाना क्षेत्र के प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में सुधार के लिए एक समर्पित मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी।

कृषि बजट- India TV Hindi
Image Source : FILE कृषि बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के मकसद से 6 नई योजनाओं की घोषणा की है। बजट में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर लोन की लिमिट को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर सात लाख रुपये कर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य देश में फसल उत्पादन को बढ़ाना है। संसद में अपना आठवां बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कृषि को ‘विकास का पहला इंजन’ बताया और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का प्रस्ताव किया। यह सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य कम उत्पादकता, कम फसल लेने वाले क्षेत्र (जिन स्थानों पर दो या तीन की जगह कम या केवल एक ही फसल ली जाती हो) और कर्ज लेने के औसत मापदंडों से कम लोन लेने वाले 100 जिलों को टार्गेट करना है। राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में लागू की जाने वाली इस योजना से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

ग्रामीण समृद्धि और मजबूती कार्यक्रम

ग्रामीण बेरोजगारी को दूर करने के लिए सरकार एक व्यापक ‘ग्रामीण समृद्धि और मजबूती’ कार्यक्रम लागू करेगी। यह कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं, युवा किसानों, ग्रामीण युवाओं, सीमांत और छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों पर केंद्रित होगा। दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए एक बड़े कदम के रूप में छह साल का मिशन अरहर, उड़द और मसूर उत्पादन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा। इस पहल के तहत, सहकारी संस्थाएं नेफेड और एनसीसीएफ इन एजेंसियों के साथ समझौते करने वाले पंजीकृत किसानों से चार साल तक दालों की खरीद करेंगी।

बिहार में बनेगा मखाना बोर्ड

बिहार के मखाना क्षेत्र के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन में सुधार के लिए एक समर्पित मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी। बोर्ड किसानों को एफपीओ में संगठित करेगा और सरकारी योजना के लाभ तक पहुंच सुनिश्चित करते हुए प्रशिक्षण सहायता प्रदान करेगा।

केसीसी से मिलेगा ज्यादा कर्ज

7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के लिए सब्सिडी वाले इस अल्पकालिक ऋण की सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।

नया रिसर्च इकोसिस्टम

एक नया रिसर्च इकोसिस्टम मिशन, अधिक उपज, कीट-प्रतिरोधी और प्रतिकूल जलवायु-सहिष्णु बीजों को विकसित करने और प्रचारित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें जुलाई, 2024 से शुरू की गई 100 से अधिक बीज किस्मों को व्यावसायिक रूप से जारी करने की योजना है। 

पांच वर्षीय कपास मिशन 

पांच वर्षीय कपास मिशन उत्पादकता में सुधार और ‘एक्स्ट्रा-लॉन्ग स्टेपल’ कपास किस्मों को बढ़ावा देने पर काम करेगा, जो कपड़ा क्षेत्र के लिए भारत के एकीकृत 5-एफ दृष्टिकोण का समर्थन करेगा। मछली और जलीय कृषि में दूसरे सबसे बड़े वैश्विक उत्पादक के रूप में भारत की स्थिति को मान्यता देते हुए, 60,000 करोड़ रुपये के समुद्री खाद्य निर्यात के साथ सरकार भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र और दूर समुद्र में स्थायी मछली पकड़ने के लिए एक रूपरेखा पेश करेगी। इसके लिए विशेष रूप से अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप द्वीप समूह पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

असम में लगेगा यूरिया प्लांट

अन्य घोषणाओं में असम के नामरूप में एक नए यूरिया संयंत्र की योजना भी शामिल है, जिसकी वार्षिक क्षमता 12.7 लाख टन है। इसके अलावा सहकारी क्षेत्र के ऋण संचालन के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) को समर्थन बढ़ाने की घोषणा की गई है। सब्जियां, फल और श्री अन्न उगाने वाले किसानों के लिए उत्पादन, सप्लाई चेन, प्रसंस्करण और लाभकारी कीमतों को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम लागू किया जाएगा। इस पहल को राज्यों के साथ साझेदारी में लागू किया जाएगा, जिसमें उचित संस्थागत तंत्र के माध्यम से किसान-उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों को शामिल किया जाएगा।

(पीटीआई/भाषा के इनपुट के साथ)

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