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Byju’s को NCLT से नहीं मिली कोई राहत, आकाश की EGM पर रोक लगाने से इनकार

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि 'बायजू' ब्रांड नाम से कारोबार करने वाली कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड ने इसी मुद्दे पर एनसीएलटी की बेंगलुरु बेंच के सामने अपने समाधान पेशेवर के माध्यम से याचिका दायर की हुई है।

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Image Source : BYJU'S एईएसएल की स्थिति जानने के लिए वैध रूप से वित्तीय दस्तावेज मांग सकता है बायजू

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने दिवालिया घोषित होने की कगार पर खड़ी दिग्गज एडटेक कंपनी बायजू को कोई भी अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। बायजू ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) को राइट्स इश्यू की मंजूरी के लिए अपनी असाधारण आम बैठक (EGM) बुलाने से रोकने की मांग की थी। NCLT ने बायूज की इस मांग को अस्वीकार कर दिया। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ने 29 अक्टूबर, 2025 को होने वाली आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड की ईजीएम पर रोक लगाने की बायजू की याचिका को ये कहते हुए खारिज कर दिया कि ''इस याचिका को स्वीकार करने से कंपनी के स्वतंत्र अधिकारों को कमजोर करने वाली एक असंगत स्थिति सामने आएगी।'' 

एईएसएल की स्थिति जानने के लिए वैध रूप से वित्तीय दस्तावेज मांग सकता है बायजू

एनसीएलटी ने कहा, ''एक शेयरधारक के रूप में याचिकाकर्ता (बायजू) प्रतिवादी संख्या एक (एईएसएल) की स्थिति जानने के लिए वैध रूप से वित्तीय दस्तावेज मांग सकता है, लेकिन प्रस्तावित राइट्स इश्यू से फंड्स पाने को गलत नहीं कहा जा सकता है।'' राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि 'बायजू' ब्रांड नाम से कारोबार करने वाली कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड ने इसी मुद्दे पर एनसीएलटी की बेंगलुरु बेंच के सामने अपने समाधान पेशेवर के माध्यम से याचिका दायर की हुई है। 

राइट्स इश्यू के कारण आकाश में 25 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत से भी कम रह जाएगी बायजू की हिस्सेदारी

बायजू ने आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के प्रस्तावित असाधारण आम बैठक को स्थगित रखने का अनुरोध किया था, क्योंकि राइट्स इश्यू के कारण आकाश में उसकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत से भी कम रह जाएगी। न्यायाधिकरण की दो-सदस्यीय पीठ ने कहा कि इसी तरह के एक अन्य मुद्दे पर एक याचिका उसके समक्ष लंबित है, और पक्षों की सहमति से तय तारीखों पर विस्तृत बहस जारी है। बताते चलें कि भयानक वित्तीय संकट से गुजर रही इस एडटेक कंपनी को लगातार अलग-अलग वजहों से NCLT का रुख करना पड़ रहा है। कंपनी 2023 से ही भयानक संकट का सामना कर रही है।

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