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गंगा एक्सप्रेसवे पर अब 15 दिनों तक कोई टोल टैक्स नहीं देना होगा, UP सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया तोहफा

मेरठ जिले में एनएच 334 से शुरू होकर प्रयागराज जिले में समाप्त होने वाले पूर्णतः यातायात नियंत्रण वाले गंगा एक्सप्रेसवे पर लोगों को अगले 15 दिन राहत मिलने वाली है। लोगों के पैसे बच जाएंगे।

क्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।- India TV Hindi
Image Source : UPEIDA क्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि गंगा एक्सप्रेसवे को उसके कमर्शियल संचालन शुरू होने की तारीख से 15 दिनों तक टोल-फ्री रखा जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य लोगों को राज्य के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे का बिना किसी शुल्क के अनुभव करने का अवसर देना है। आधिकारिक बयान के अनुसार, जनहित में यह निर्णय लिया गया है कि गंगा एक्सप्रेसवे को उद्घाटन के बाद 15 दिनों तक टोल-फ्री रखा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अनुभव कर सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कंसेशनर कंपनियों आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड और अडानी इंफ्रास्ट्रक्चर को इस अवधि के दौरान टोल वसूली रोकने के निर्देश जारी किए हैं। इन 15 दिनों में एक्सप्रेसवे उपयोग करने वाले यात्रियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

लोगों का विश्वास मजबूत होने की उम्मीद

यह निर्णय उस समय लिया गया जब स्वतंत्र इंजीनियर ने कंसेशन एग्रीमेंट के तहत प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी कर एक्सप्रेसवे को सार्वजनिक उपयोग के लिए तैयार घोषित कर दिया और इसकी कमर्शियल ऑपरेशन डेट तय हो गई। राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल से शुरुआती चरण में अधिक लोगों को एक्सप्रेसवे का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और वे इसकी गुणवत्ता, गति और सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। साथ ही, इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने और परियोजना के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होने की भी उम्मीद है।

पीपीपी मॉडल पर बना है एक्सप्रेसवे

यह एक्सप्रेसवे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर (DBFOT) (टोल) आधार पर विकसित किया गया है। कंसेशनर कंपनियों को 27 वर्षों के लिए टोल वसूली का अधिकार दिया गया है। हालांकि, टोल-फ्री अवधि के दौरान होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य सरकार या यूपीडा द्वारा समझौते के अनुसार की जाएगी। यूपीडा ने स्पष्ट किया कि टोल छूट के बावजूद संचालन और रखरखाव के मानकों-जैसे सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ता है और इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट माना जा रहा है। इससे व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय राज्य सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर फोकस और “पब्लिक-फर्स्ट” दृष्टिकोण को दर्शाता है।

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