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हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए सिर्फ अनुभवी ठेकेदार ही लगा पाएंगे बोली, NHAI ने सख्त किए टेंडर दस्तावेज के प्रावधान

एनएचएआई ने कहा कि ऐसे उदाहरण देखे गए हैं जहां चयनित बोलीदाताओं ने प्राधिकरण की आवश्यक पूर्व स्वीकृति के बिना ठेकेदारों को नियुक्त किया है या स्वीकृत उप-ठेका सीमा को पार कर लिया है।

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Image Source : HTTPS://X.COM/NITIN_GADKARI गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है समान कार्य मानदंड

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बुधवार को हाईवे प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाने वालों की तलाश को लेकर अनुरोध प्रस्ताव के प्रावधानों को कड़ा कर दिया है। इसका उद्देश्य परियोजनाओं के कार्यान्वयन में सुधार, देरी को कम करना और हाईवे डेवलपमेंट की लागत को कम करना है। NHAI ने आरएफपी प्रावधानों पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि अनुरोध प्रस्ताव के अलग-अलग खंडों में कड़ी शर्तें ये सुनिश्चित करने में मदद करेंगी कि सिर्फ तकनीकी रूप से सक्षम और अनुभवी ठेकेदार ही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए पात्र होंगे। 

गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है समान कार्य मानदंड

एजेंसी ने कहा, ‘‘प्रावधान का एक महत्वपूर्ण तत्व बोली योग्यता में समान कार्य मानदंड का स्पष्टीकरण है। इसे अक्सर ठेकेदारों द्वारा बड़े पैमाने की राजमार्ग परियोजनाओं के लिए पात्रता प्राप्त करने के लिए गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, जबकि उनके पास सिर्फ छोटे कामों का ही अनुभव होता है जो पूरे राजमार्ग विकास की जटिलता और पैमाने को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं।’’ एनएचएआई ने स्पष्ट किया कि समान कार्य केवल उन पूरी हो चुकी राजमार्ग परियोजनाओं के संदर्भ में होगा, जिनमें उस परियोजना के लिए आवश्यक सभी प्रमुख घटक शामिल हों जिसके लिए बोली आमंत्रित की गई है। 

एनएचएआई ने और क्या कहा

योग्यता मानदंडों को परिष्कृत करने के अलावा, आरएफपी के स्पष्टीकरण में एचएएम (हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल) और बीओटी (निर्माण, संचालन, हस्तांतरण) या टोल परियोजनाओं में ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) ठेकेदारों और ईपीसी परियोजनाओं में उप-ठेकेदारों की अनधिकृत नियुक्ति से जुड़े मामलों को भी निपटान करने का प्रयास किया गया है। एनएचएआई ने कहा, ‘‘ऐसे उदाहरण देखे गए हैं जहां चयनित बोलीदाताओं ने प्राधिकरण की आवश्यक पूर्व स्वीकृति के बिना ठेकेदारों को नियुक्त किया है या स्वीकृत उप-ठेका सीमा को पार कर लिया है। ऐसी चीजें न केवल अनुबंध मानदंडों का उल्लंघन है, बल्कि गुणवत्ता आश्वासन, परियोजना समयसीमा और नियामक निगरानी के लिए भी जोखिम पैदा करती हैं।’’

अवांछनीय व्यवहार के रूप में वर्गीकृत किए जाएंगे ऐसे ठेके

एनएचएआई ने कहा कि किसी भी अनधिकृत उप-ठेके और स्वीकृत सीमा से ज्यादा उप-ठेके को अवांछनीय व्यवहार के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। इससे धोखाधड़ी वाले व्यवहारों के समान दंड लगाया जा सकेगा। एनएचएआई ने कहा कि इस कदम से ठेके को पूरा करने में अनुशासन व्यवस्था को मजबूत बनाने और बेहतर कार्यान्वयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। प्राधिकरण ने कहा कि सुधार का एक अन्य प्रमुख घटक तीसरे पक्ष से प्राप्त ‘बोली और प्रदर्शन प्रतिभूतियों’ को प्रस्तुत करने पर रोक लगाना है। 

पीटीआई इनपुट्स के साथ

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