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Hindi News पैसा बिज़नेस पतंजलि जल्द लॉन्च करेगी सफेद भैंस का घी, FMCG बाजार पर कब्जा करने के लिए बनाई आक्रामक रणनीति

पतंजलि जल्द लॉन्च करेगी सफेद भैंस का घी, FMCG बाजार पर कब्जा करने के लिए बनाई आक्रामक रणनीति

बाबा रामदेव ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य अगले पांच साल में कर-पूर्व आय के स्तर पर 5,000 करोड़ रुपये का लाभ और 50,000 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का है।’’

पतंजलि फूड्स- India TV Paisa Image Source : FILE पतंजलि फूड्स

खाने-पीने के सामान बनाने वाली कंपनी पतंजलि फूड्स जल्द ही सफेद भैंस का घी समेत कई उत्पाद लॉन्च करेगी। इसके साथ ही कंपनी ने अगले पांच साल में 50,000 करोड़ रुपये का कारोबार और 5,000 करोड़ रुपये का परिचालन लाभ हासिल करने के लिए एक आक्रामक योजना तैयार की है। कंपनी की योजना की जानकारी देते हुए पतंजलि समूह के प्रमुख बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि फूड्स अपने कारोबार विस्तार के लिए खाद्य उत्पाद और रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले उत्पाद (एफएमसीजी) कारोबार को बढ़ाने के साथ बड़े पैमाने पर पाम के पेड़ भी लगाएगी। उन्होंने कहा कि पंचवर्षीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी ने कई नए उत्पाद उतारने की रणनीति बनाई है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सफेद भैंस का घी, प्रीमियम बिस्कुट एवं कुकीज, सूखे मेवे, मसाले एवं अन्य पौष्टिक उत्पादों को भी अगले कुछ महीनों में लेकर आएंगे।

एफएमसीजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी बनने का लक्ष्य 

पतंजलि फूड्स लिमिटेड का नाम पहले रुचि सोया इंडस्ट्रीज था लेकिन सितंबर, 2019 में कर्ज समाधान प्रक्रिया के तहत पतंजलि समूह ने इसका अधिग्रहण कर लिया था। उन्होंने कहा कि पतंजलि फूड्स ने अगले पांच वर्षों में एफएमसीजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी बनने के लिए एक दृष्टि-पत्र तैयार किया है। बाबा रामदेव ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य अगले पांच साल में कर-पूर्व आय के स्तर पर 5,000 करोड़ रुपये का लाभ और 50,000 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का है।’’ पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का शुद्ध लाभ एक साल पहले के 806.30 करोड़ रुपये से बढ़कर 886.44 करोड़ रुपये हो गया। वहीं इसकी कर-पूर्व एबिटा आय 1,577 करोड़ रुपये रही थी। ’’ उन्होंने कहा कि खाद्य उत्पादों एवं एफएमसीजी कारोबार की कुल राजस्व में हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2022-23 में बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई जबकि इसके एक साल पहले यह सिर्फ सात प्रतिशत थी। कंपनी पाम तेल कारोबार पर अपनी पकड़ के लिए बड़े पैमाने पर पाम की खेती भी कर रही है।

63,816 हेक्टेयर में पाम के पेड़ लगाए गए 

देशभर के नौ राज्यों में फैले करीब 39,000 किसानों के साथ मिलकर 63,816 हेक्टेयर में पाम के पेड़ लगाए गए हैं। इसके अलावा कंपनी अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में अपनी पहली तेल मिल भी लगा रही है। इसके साथ ही रामदेव ने कहा कि पतंजलि फूड्स के प्रवर्तक जून में अपनी छह प्रतिशत हिस्सेदारी संस्थागत निवेशकों को बेचेंगे ताकि कंपनी में न्यूनतम 25 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता का प्रावधान लागू किया जा सके। फिलहाल प्रवर्तकों के पास 81 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 

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